रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपी में गिरफ्तार हुए पत्रकार विनोद वर्मा कुछ ही घंटों बाद रिहा हो गए।
रायपुर . वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद जमानत पर रिहा हो गए। रिहाई के बाद विनोद वर्मा ने तुरंत ट्वीट कर कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता की हत्या करके उन्हें डरा धमकाकर आप भी अपनी कुर्सी नहीं बचा सकते। क्योंकि कलम की मार बुरी होती है। विनोद वर्मा ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि मुझे इसलिए अरेस्ट किया क्योंकि मेरे पास छत्तीसगढ़ के मंत्री की सीडी थी।
इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मीडिया को बताया, प्रकाश बजाज नाम के शख्स ने रायपुर के पंडरी थाने में एक अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर की। प्रकाश बजाज ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्हें दिल्ली से एक शख्स का फोन आया। उसने कहा कि तुम्हारे आका की एक सीडी हमारे पास है, अगर पैसे नहीं दिए तो सीडी को सार्वजनिक कर देंगे। पुलिस ने बताया कि प्रकाश बजाज नाम की शिकायत पर कार्रवाई की है।
हमारी एक टीम पहले से दिल्ली में थी। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के आधार पर हमने दिल्ली में उस शख्स को पकड़ा जिनसे प्रकाश बजाज को फोन किया था। इस सीडी बनाने वाले शख्स ने बताया कि उसे विनोद वर्मा नाम के व्यक्ति ने एक हजार सीडी बनाने का ऑर्डर किया था। सीडी बनाने वाले शख्स से मिले नंबर पर पड़ताल करते हुए पुलिस गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर पहुंची। यहां से पुलिस को 500 सीडी और पेन ड्राइव मिली। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
वहीं इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश सिंह बघेल ने कहा कि विनोद वर्मा के पास छत्तीसगढ़ के एक रसूखदार मंत्री की सीडी थी। इस सीडी में मंत्री एक लड़की के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे थे। नेता ने आरोप लगाया कि यह सीडी सबके पास थी, ऐसे में विनोद वर्मा की गिरफ्तारी निंदनीय है।