
Liquor Scam: शराब घोटाले में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा का कमीशन लेने वाले आबकारी विभाग के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर आबकारी विभाग के विशेष सचिव द्वारा गुरुवार को इसका आदेश जारी किया गया है। यह कार्रवाई 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू द्वारा आरोपी बनाने और राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति मांगी गई थी।
इसकी अनुमति मिलने के बाद 29 अधिकारियों के खिलाफ 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में 2238 पेज का चालान पेश किया है। इसमें 7 रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल थे। चालान के साथ पेश किए गए 138 पेज की समरी में आबकारी अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि किस तरह से अन-अकाउंटेड बिना ड्यूटी पेड शराब की बिक्री शासकीय दुकानों से होती थी।
यह खेल 2019 से 2023 के बीच सिंडिकेट बनाकर नकली होलोग्राम और बिना हिसाब 60 लाख 50950 शराब की पेटी की बिक्री की गई। इससे शासन को 2174 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। जिला आबकारी अधिकारियों ने शराब आपूर्तिकर्ताओं से 319 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की, जिसमें से 280 करोड़ रुपए अप्रैल 2019 से जून 2022 के बीच जमा किए गए थे।
ईओडब्ल्यू ने अपने चालान में बताया है कि 2023 में बुए विधानसभा चुनाव में एक पार्टी को फंडिग करने के लिए रकम जुटाई जा रही थी। इसकी जिम्मेदारी आबकारी उपायुक्त दिनकर वासनिक, नवीन प्रताप सिंह तोमर, विकास गोस्वामी, नीतू नोतानी, और इकबाल खान को दी गई थी। यहां तक की मतदान के पहले शराब बांटने के लिए उपलब्ध कराई गई थी।
प्रमोद कुमार नेताम बेमेतरा, विकास कुमार गोस्वामी अंबिकापुर, नवीन प्रताप सिंह तोमर रायपुर, राजेश जायसवाल रायपुर, मंजुश्री कसेर रायपुर, दिनकर वासनिक रायपुर, आशीष कोसन रायपुर, सौरभ बख्शी रायपुर, प्रकाश पाल रायपुर, रामकृष्ण मिश्रा रायपुर, अलेख राम सिदार जांजगीर-चांपा, सोनल नेताम सारंगढ़- बिलाईगढ़, मोहित कुमार जायसवाल रायपुर, गरीबपाल सिंह ददोZं राजनांदगांव, इकबाल अहमद खान दंतेवाड़ा, जर्नादन सिंह कौरव रायपुर, नितिन कुमार खण्डूजा बेमेतरा, अनिमेष नेताम दुर्ग, अरविंद कुमार पटले रायपुर, नीतू नोतानी रायपुर, मोहर सिंह ठाकुर बिलासपुर व विजय सेन शर्मा अंबिकापुर।
Liquor Scam: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री: भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से हम कायम हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए घोटालों की परत दर परत सच्चाई लगातार सामने आ रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
चार्जशीट पेश के बाद आरोपी बनाए गए अधिकारियों को गिरफ्तार कर और रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। इसमें निलंबित और सेवानिवृत 29 लोग निशाने पर हैं।