
‘बाबा’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग (फोटो सोर्स- फेसबुक)
Chhattisgarh Congress Party: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश संगठन को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की नियुक्ति को तीन वर्ष पूरे होने वाले हैं। हालांकि, कांग्रेस संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए कोई निर्धारित कार्यकाल तय नहीं होता। इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा भी नहीं की गई है। अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर ही लिया जाएगा।
इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में है। पार्टी के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, सिंह देव ने साफ कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद का कोई तय कार्यकाल नहीं होता और इस तरह के सभी फैसले कांग्रेस हाईकमान ही करता है।
टीएस सिंह देव इससे पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपती है, तो वह इसे निभाने के लिए तैयार हैं। पिछले कुछ समय से वे सरगुजा, कोरबा और जांजगीर-चांपा सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे संगठन के भीतर उनकी बढ़ती सक्रियता और प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी टीएस सिंह देव के समर्थन में अभियान देखने को मिल रहा है। सरगुजा के 'आदिबाबा फैंस क्लब' सहित कई कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने फेसबुक पर पोस्टर साझा कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (Chhattisgarh Congress President) बनाए जाने की मांग उठाई है। पोस्टरों में लिखा है, "जिसने हर परिस्थिति में संगठन का साथ निभाया, अब समय है उनके अनुभव को नई जिम्मेदारी देने का।" समर्थकों ने टीएस सिंह देव के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत बनाने की बात भी कही है।
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंह देव ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद के लिए कोई निश्चित कार्यकाल तय नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब दीपक बैज (Deepak Baij) को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, तब भी उनके कार्यकाल की कोई अवधि निर्धारित नहीं की गई थी। जब तक पार्टी किसी पदाधिकारी को जिम्मेदारी देती है, वह अपना दायित्व निभाता है।
उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े सभी फैसले कांग्रेस हाईकमान के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और वही अंतिम निर्णय लेता है। सोशल मीडिया पर चल रही मांगों को लेकर सिंह देव ने कहा कि कई लोग अपनी भावनाएं सार्वजनिक कर देते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में संयम बरतना बेहतर होता है। उनका मानना है कि इस तरह की पोस्ट अनावश्यक राजनीतिक अटकलों को बढ़ावा देती हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) इस बार संगठन की कमान किसी युवा और सक्रिय चेहरे को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। माना जा रहा है कि संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। इसी रणनीति की शुरुआत पिछले वर्ष 25 नवंबर को हुई थी, जब छत्तीसगढ़ की 41 जिला कांग्रेस कमेटियों में लगभग 25 नए और युवा अध्यक्षों की नियुक्ति कर संगठन में बड़ा बदलाव किया गया था। अब उसी मॉडल को प्रदेश स्तर पर भी लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व संगठनात्मक ढांचे को अभी से मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष पद की रेस में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे आगे पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम बताया जा रहा है। उन्हें संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित चेहरा माना जाता है। इसके अलावा भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी तेजी से चर्चा में है। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऊर्जावान और जनाधार वाले युवा नेता के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज की दावेदारी को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा रहा है। आदिवासी समाज में उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में सक्रिय भूमिका उनके पक्ष में मानी जा रही है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।
Updated on:
11 Jul 2026 04:47 pm
Published on:
11 Jul 2026 04:47 pm
