Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के अवसर पर रायपुर में भक्ति का माहौल, 1000 से अधिक मंदिरों में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में डूबी नजर आ रही है। शहर के मंदिरों में तड़के सुबह करीब 4 बजे से ही पूजा-अर्चना और अभिषेक का क्रम शुरू हो गया, जो पूरे दिन निरंतर चलता रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन कर रहे हैं और अपनी श्रद्धा अनुसार पूजन कर रहे हैं।
रायपुर शहर के एक हजार से अधिक हनुमान मंदिरों में इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मंदिरों में महाआरती, सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का आयोजन किया जा रहा है। कई जगहों पर भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई है, जहां प्रसाद वितरण का सिलसिला लगातार जारी है।
दिनभर धार्मिक माहौल के बीच शाम होते-होते उत्सव और भी भव्य रूप ले लेगा, जब मंदिरों में विशेष आरती, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस पावन अवसर पर राजधानी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे शाम 6:45 बजे सिविल लाइन स्थित अपने निवास से नर्मदा कुंड मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
वहां वे श्री हनुमान जन्मोत्सव के कार्यक्रम में भाग लेकर पूजा-अर्चना करेंगे और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे रात करीब 8:10 बजे वापस अपने निवास लौटेंगे। हनुमान जयंती के मद्देनजर शहर में प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है।
मंदिरों में सुबह प्रतिमा पर चोला श्रृंगार, पूजन, महाआरती की जाएगी। अनेक मंदिरों में महाभंडारा का आयोजन किया जाएगा। गाजे, बाजे और झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएंगी। मंदिरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा की चौपाइयां गूंजेगी। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर यहां रायपुर के तीन प्रमुख मंदिरों के इतिहास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यहां हर रोज संकटमोचक हनुमानजी के मंदिर में सैकड़ों लोग अपनी मन्नते मांगने के लिए पहुंचते हैं।