रायपुर

Chhattisgarh Politics: 6 हजार करोड़ के सट्टा घोटाले में आएंगे नए नाम? सौरभ चंद्राकर पर CM साय का बयान

Mahadev Betting Scam: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में CM विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। सौरभ चंद्राकर से CBI की पूछताछ पर उन्होंने कहा कि जांच में कई और लोग फंस सकते हैं।
2 min read
• •
Updated: 4 Nov 2026, 1:57 PM IST
Chhattisgarh Politics
महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में बड़ा खुलासा संभव (Photo Source- Patrika Create)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर से केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की पूछताछ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा है कि जांच के दौरान कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान के बाद महादेव सट्टा ऐप मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को सौरभ चंद्राकर को लेकर कहा, "जो मुख्य अभियुक्त था सौरभ चंद्राकर, उससे CBI पूछताछ करेगी। हो सकता है कई और लोग उसमें फंसें।" मुख्यमंत्री के इस बयान को मामले की आगे की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ में किन लोगों के नाम सामने आएंगे या जांच एजेंसी को क्या नई जानकारी मिलेगी। यह सब पूछताछ और जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।

Saurabh Chandrakar: सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से जांच चल रही है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के संचालन, उससे जुड़े लोगों और कथित आर्थिक लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। सौरभ चंद्राकर को इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया गया है। अब भारत प्रत्यर्पण के बाद CBI की पूछताछ को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। मुख्यमंत्री साय ने भी इसी संभावना की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस मामले में कई और लोग फंस सकते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका और उसके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसी के साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही होगी।

करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले की जांच

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस मामले में करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले की बात सामने आई है। जांच का दायरा केवल ऐप के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर इससे जुड़े पैसों के लेनदेन और नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन किस तरह होता था, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और कथित तौर पर सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम का लेनदेन किन माध्यमों से किया जाता था।

CBI Investigation: CBI की पूछताछ पर टिकी नजरें

सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ को इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसी उससे नेटवर्क से जुड़े लोगों, आर्थिक लेनदेन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर सवाल कर सकती है। पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CBI की पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या जांच एजेंसी इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल करती है। फिलहाल, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आगे की कार्रवाई और जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर सबकी नजर बनी हुई है।

Updated on:
4 Nov 2026, 1:57 PM IST
Published on: