
छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम (Photo Source- AI Generate)
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में चक्रवात मुरासु का असर कमजोर पड़ने के बावजूद मौसम का मिजाज अभी बदला हुआ है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर संभाग तक बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मंगलवार को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को झमाझम बारिश हुई। वहीं बस्तर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के कारण त्योहारी सीजन में दीपावली की खरीदारी भी प्रभावित हुई।
कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरासु कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन इसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर बना रह सकता है। बुधवार, 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना प्रचंड चक्रवाती तूफान मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। 3 नवंबर को दोपहर तक इसके कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक गहन अवदाब में तब्दील होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, तूफान की ताकत कम होने के बाद भी इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। खासकर रायपुर और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ के जिलों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।
राजधानी रायपुर में मंगलवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदला रहा। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और शाम होते-होते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण बाजारों में दीपावली की खरीदारी करने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। वहीं कई जगह सड़कों पर पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। बुधवार को रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान रायपुर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम में नमी और बादलों की मौजूदगी के कारण कई इलाकों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, बारिश की गतिविधियां जारी रहने से जनजीवन और बाजारों पर इसका असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने 4 नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में चक्रवात का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। बस्तर संभाग के जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह प्रदेश के 11 जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं:
इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
त्योहारी सीजन में हुई बारिश ने बाजारों की रौनक पर भी असर डाला है। मंगलवार शाम रायपुर और बस्तर के कई इलाकों में बारिश के कारण खरीदारी के लिए निकले लोगों को परेशानी हुई। सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं खुले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल चक्रवात मुरासु कमजोर हो रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। ऐसे में अगले कुछ समय तक लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।
Updated on:
4 Nov 2026, 9:37 AM IST
Published on:
4 Nov 2026, 9:34 AM IST
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