रायपुर

CG Land Registry: रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव, राजधानी में खुलेंगे नए सब-रजिस्ट्री ऑफिस

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Updated: 24 Jan 2026, 12:51 PM IST
रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव (photo source- Patrika)
रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव (photo source- Patrika)

CG Land Registry: राजधानी रायपुर के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब ज़मीन, मकान, प्लॉट या किसी दूसरी प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए शहर के कलेक्ट्रेट जाने का झंझट खत्म हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन की बढ़ती संख्या और लोगों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने रायपुर की चारों दिशाओं में नए सब-रजिस्ट्री ऑफिस खोले हैं: सड्डू, VIP रोड पर बेबीलोन, धरसीवा, बिरगांव, टाटीबंध और कमल विहार।

CG Land Registry: पंजीयन कार्यालय में कम हो जाएगी भीड़

इसमें सड्डू और बेबीलोन को नया रायपुर की तरह हाई-टेक सुविधा में अपग्रेड किया जाएगा। इसे अगले कुछ महीनों में अलग-अलग फेज़ में लागू किया जाएगा। इनमें से हर रजिस्ट्रेशन ऑफिस में एक सब-रजिस्ट्रार होगा। इस बीच, कलेक्ट्रेट में ₹9.16 करोड़ की लागत से एक नया रजिस्ट्रेशन ऑफिस बनाया जा रहा है। नई बिल्डिंग में तीन डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार और आठ सब-रजिस्ट्रार होंगे। शहर की चारों दिशाओं में रजिस्ट्रेशन ऑफिस खुलने से कलेक्ट्रेट में भीड़ कम होगी।

अधिकारियों का मानना ​​है कि कलेक्ट्रेट के रजिस्ट्री ऑफिस में रोज़ाना भारी भीड़ होती है, जिससे आम लोगों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इससे खासकर बुज़ुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी मुश्किलें होती हैं। नए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस खुलने से, लोगों को अपने आस-पास के इलाके में ही रजिस्ट्रेशन सर्विस मिल पाएंगी, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

CG Land Registry: कलेक्टरेट के रजिस्ट्रेशन ऑफिस में पांच सब-रजिस्ट्रार बैठते हैं। हर रजिस्ट्रार एक दिन में लगभग 40 रजिस्ट्रेशन करता है, जिसका मतलब है कि रोज़ाना औसतन 200 से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन होते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान, बुज़ुर्ग लोग, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ अक्सर आते हैं। अभी, ऑफिस में सिर्फ़ एक मीटिंग हॉल है, जिसमें वकील भी बैठते हैं, जिससे बैठने की जगह कम हो जाती है। गर्मी और बारिश के मौसम में भी लोग बाहर या आस-पास के दूसरे ऑफिस में इंतज़ार करते हैं।

कैमरों की जद में रहेगा भवन

रजिस्ट्रेशन ऑफिस में करीब पांच साल पहले कई जगहों पर CCTV कैमरे लगाए गए थे। उनका मकसद आने-जाने वालों पर नज़र रखना था। लेकिन, कुछ ही दिनों में कैमरे खराब हो गए, जिससे हम यह ट्रैक नहीं कर पा रहे थे कि कौन आ-जा रहा है। नई बिल्डिंग में, हर कमरा और पूरा कैंपस कैमरे की निगरानी में रहेगा।

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24 Jan 2026, 12:51 PM IST
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