रायपुर

Accident Compensation: दुर्घटना और प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत, अब 15 दिन में मिलेगा मुआवजा, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Government Scheme: सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 15 दिन के भीतर मुआवजा राशि देने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
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May 29, 2026
Chhattisgarh Road Accident
ट्रक की टक्कर में हवलदार की मौत (photo source- Patrika)

Accident Compensation: सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा से क्षति जैसे मामलों में सरकारी सहायता मिलने में होने वाली देरी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन्हें छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे शामिल कर लिया है। यानी अब दुर्घटना और प्राकृतिक आपदा में हुई क्षति के मामले में आर्थिक सहायता देने में अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी। इसके लिए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत अब आर्थिक सहायता 15 दिन के भीतर देनी होगी। आंकडा़ें की माने तो प्रदेश में हर साल औसतन 9 से 10 हजार लोग दुर्घटना और प्राकृतिक आपदा के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं।

Accident Compensation: ग्रामीण और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मिलेगा लाभ

राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार सरकार ने अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत यह व्यवस्था लागू की है। इसके लिए सेवा प्रदाता अधिकारी, सक्षम अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी भी तय कर दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की देरी होने पर नागरिकों को शिकायत और अपील का अधिकार मिल सके। राज्य सरकार का मानना है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम को प्रभावी बनाने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों का भरोसा मजबूत होगा। खासतौर पर ग्रामीण और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इसका सीधा लाभ देखने को मिल सकता है।

सड़क दुर्घटना में हर साल औसत 6500 की मौत

जारी अधिसूचना में सड़क दुर्घटना में मृत्यु और गंभीर घायल प्रकरणों में 15 दिन के भीतर आर्थिक सहायता देनी होगी। इसके लिए एसडीएम राजस्व को जिम्मेदारी दी गई है। इसे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। बता दें कि प्रदेश में हर साल सड़क दुर्घटना में औसत 6500 से 7 000 लोगों की मौत हो जाती है।

बाढ़, बिजली, सर्पदंश जैसे मामलों में राहत

छत्तीसगढ़ में पिछल साल बाढ़ की वजह से 81 जनहानि हुई थी। 395 पशुहानि और 2 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। सर्पदंश से बीते पांच वर्ष में 17 हजार से अधिक मौतों की रिपोर्ट सामने आई थी। आकाशीय बिजली (वज्रपात) से हर साल लगभग 180 लोगों की जान जाती है। अब राज्य की नई अधिसूचना में ऐसे मामलों में 15 दिन में आर्थिक सहायता देनी होगी।

15 दिन में बनेगा ईडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र

जारी अधिसूचना में अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र 15 दिन के भीतर बनाकर देना होगा। इसके लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय जाति प्रमाण पत्र 7 दिन के भीतर देना जरूरी होगा। इसकी जिम्मेदारी एसडीएम राजस्व को दी गई है।

Updated on:
29 May 2026 08:22 am
Published on:
29 May 2026 08:22 am