रायपुर

राजधानी के आधे कॉम्पलेक्स व होटलों में केवल नाम की पार्किंग, कार्रवाई के बजाए नोटिस की कुल्फी थमा रहे अफसर

जोन के अफसरों के नाक के नीचे नगर निगम के नियम-कायदे को ताक पर रखकर नक्शे के विपरीत कृष्णा पैलेस होटल तान दिया गया है।

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May 24, 2018
यह मामला जोन-7 के अंतर्गत आता है। अफसरों का कहना है कि कृष्णा पैलेस जिस जगह पर बना है, वह जगह दरअसल मंदिर की है, जिसे 50 साल के लीज पर कैलाश बिस्किट वाले ने लिया था, उस जगह पर तीन मंजिला होटल तान दिया गया है।

रायपुर . रवि भवन जैसे व्यवसायिक कांप्लेक्स में अवैध निर्माण तोडऩे की कार्रवाई जिस तरह लंबे अर्से बाद की गई। लेकिन इस कांप्लेक्स के ठीक पीछे का हाल बुरा है। जोन के अफसरों के नाक के नीचे नगर निगम के नियम-कायदे को ताक पर रखकर नक्शे के विपरीत कृष्णा पैलेस होटल तान दिया गया है। तीन मंजिला इस होटल की पार्किग केवल दीवाल पर लिखी हुई है और गेट पर बोरवेल खुदवा दिया गया है। इस अवैध निर्माण को तोडऩे के लिए नोटिस-नोटिस पर जारी करने का दावा किया जाता है, लेकिन तोडफ़ोड़ करने में जिम्मेदारों के हाथ कांप रहे हैं।

रवि भवन और कृष्णा पैलेस होटल के बीच से होकर जो सडक़ आम लोगों के आने-जाने के लिए नगर निगम ने बनाया था, उस सडक़ पर इस कदर वाहनों की पार्किंग की जाती है कि पैदल चलना मुश्किल होता है।

यह मामला जोन-7 के अंतर्गत आता है। अफसरों का कहना है कि कृष्णा पैलेस जिस जगह पर बना है, वह जगह दरअसल मंदिर की है, जिसे 50 साल के लीज पर कैलाश बिस्किट वाले ने लिया था, उस जगह पर तीन मंजिला होटल तान दिया गया है। नगर निगम में इसका नक्शा किस तरह पास हुआ है, उसकी भी जांच लंबे समय से फाइलों में चल रही है। वहीं पार्र्किंग की जगह पर लोहे का दरबाजा लगाकर केवल पार्किग लिख दिया गया है और उस जगह का उपयोग गोदाम के रूप में किया जाता है। इसकी लगातार शिकायतों के बाद जोन कमिश्नर ने सख्ती बरते हुए सहायक नगर निवेशक पद्माकर को तोडऩे का आदेश दिया, जिसे तीन महीने बीतने को है। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई नहीं की गई।

नगर निगम के आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि जिन होटलों और कांप्लेक्सों का नक्शे के विपरीत निर्माण और पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया है। नोटिस जारी करने के बाद तोडफ़ोड नहीं करना गंभीर है। रवि भवन के पीछे बने व्यावसायिक भवनों में तोडफ़ोड़ कर पार्किंग की जगह बनवाई जाएगी।

जोन कार्यालय के ठीक पीछे ही पार्किंग के नियमों की धज्जियां उड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि पार्किंग के लिए उपयुक्त जगह नही होने के कारण होटल संचालक ने नियमितीकरण करने का भी आवेदन नही लगाया। जोन कमिश्नर की सख्ती के बाद जब सहायक नगर निवेशक ने जांच पुरी की तो पुरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद हर 15 दिनों में तीन से चार नोटिस जारी करने की खानापूर्ति कर फाइल बंद कर दी गई।

नगर निगम आयुक्त द्वारा अवैध निर्माण और पार्किंग जगह नही बनाने वाले काम्पलेक्स और होटल संचालकों के खिलाफ भले ही सख्ती बरतने का आदेश जारी किया है, लेकिन जोन कार्यालय स्तर पर उस पर पलीता लगाया जा रहा है। अवैध निर्माण को तोडऩे के बजाए जोन के सहायक नगर निवेशक की भूमिका को जोन के अफसर ही मिलीभगत मान रही है। जोन कमिश्नर संतोष पांडे का कहना है कि कैलाश बिस्किट कृष्णा पैलेस होटल में पार्किंग नक्शे के विपरित निर्माण को तोड़ा जाना तय है, इसके लिए सहायक नगर निवेशक की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।

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Published on:
24 May 2018 12:44 pm
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