इस कानून में हाईटेक तकनीकों के उपयोग को भी नकल की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई अभ्यथीZ इसका उपयोग करता हैं, तो वो सीधे सजा का हकदार होगा। नए कानून में जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया। संगठित नकल के मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।