
Marine Drive Raipur: तेलीबांधा तालाब यानी मरीन ड्राइव घूमने जाने वालों से नगर निगम अब पार्किंग शुल्क वसूलेगा। अपनी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम ने तालाब के पाथवे के किनारे दो से तीन जगहों पर पार्किंग शुल्क का बोर्ड भी लगा दिया है। इस निर्णय का जहां विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि यह जगह घूमने-फिरने के लिए है, इसलिए शुल्क नहीं लगना चाहिए।
वहीं, जायजा लेने पहुंची महापौर का कहना है कि रेस्टोरेंट, होटल में समय बिताते आने वाले वाहन अव्यवस्थित रूप से रखते हैं, इससे व्यवस्था बिगड़ती है। इसलिए बाइक का 10 रुपए और कार वालों से 20 रुपए शुल्क लेना जायज है। हालांकि उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक करने वालों से शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन निगम मॉर्निंग वॉक का समय कब तक मानता है यह साफ नहीं है।
बता दें कि कांग्रेस की परिषद के दौरान गार्डन के 25 फीसदी हिस्से के व्यावसायिक उपयोग की परिपाटी शुरू की गई है। निगम के बाजार विभाग ने सबसे पहले मरीन ड्राइव को चुना है, जहां हर दिन 3 से 4 हजार लोग दिनभर में घूमने आते हैं। दूसरी तरफ कमर्शियल कांप्लेक्स होने से पूरी लाइन वाहनों से भरी रहती है। इसी तरह तालाब तरफ किनारे वाहनों को रखकर लोग परिक्रमा पथ में घूमते हैं। इसे देखते हुए निगम पार्किंग शुल्क के नाम पर जेब काट रहा है।
मरीन ड्राइव में निगम जहां पार्किंग शुल्क वसूलने की तैयारी में है। वहां घोषित रूप से कोई पार्किंग स्थल ही नहीं है। लोगों को सुविधा देने के लिए मरीन ड्राइव के पास की सडक़ को चौड़ा किया गया था। लोगों के टहलने के लिए बनाई गई लेन से लगे इस स्थान पर ही लोग अपनी गाडिय़ां खड़ी कर देते हैं। अब इसी जगह को पार्किंग स्थल बताकर निगम शुल्क लेने वाला है।
महापौर चौबे का कहना है कि आम लोगों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है, निगम के मुनाफे के लिए नहीं। मरीन ड्राइव का जायजा लेकर महापौर ने कहा, मरीन ड्राइव में मॉर्निंग वॉक करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पार्किंग शुल्क को लेकर पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि यह पूरी तरह से अवैधानिक है। मनमानी तरीके से बोर्ड लगाकर रंगदारी टैक्स वसूली का तरीका है। क्योंकि पार्किंग की जगह तय करने के लिए विधिवत नोटिफिकेशन जारी करना होता है। महापौर को इसका जवाब शहर की जनता को देना चाहिए।