
रायपुर . राजधानी रायपुर में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई, जहां बेटे के अंतरजातीय विवाह करने के बाद से सामाजिक प्रताडऩा झेल रही 50 वर्ष की एक महिला ने खुद को जिंदा जला लिया। करीब 80 फीसदी जल चुकी महिला को गंभीर अवस्था में अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 5 नवंबर को महिला ने थाने में शिकायत की थी। शिकायत में महिला ने बहू और सामाजिक प्रताडऩा का जिक्र किया था। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इस बारे में गांव वालों से भी पूछताछ नहीं की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक खैरखुट निवासी बिसाहिन साहू ने गुरुवार सुबह 6.30 बजे घर में ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर खुद को आग लगा लिया।
उनकी चीख-पुकार सुनकर रिश्तेदार बचाने दौड़े। किसी तरह आग को बुझाकर उसे अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। महिला ने अपने बयान में कुछ ग्रामीणों द्वारा सामाजिक बैठक करके दंडित करने और प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। साथ ही टोनही कहने का भी उल्लेख किया है।
बिसाहिन के रिश्तेदारों के मुताबिक करीब साल भर पहले उसके बेटे दशरथ ने दूसरी जाति की लड़की से विवाह कर लिया था। 6 माह बाद दशरथ अपनी पत्नी के साथ गांव आया, तो सामाजिक बैठक हुई, इसमें दशरथ को समाज से अलग किया गया। दशरथ गांव छोड़कर बाहर रहने लगा।
दिवाली के मौके पर वह गांव पहुंचा अैार अपने मां-बाप के घर में ठहरा। इससे नाराज गांव के कुछ लोगों ने 2 और 5 नवंबर को बैठक बुलाई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे परेशान बिसाहिन ने थाने में शिकायत कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर 7 नवंबर को बैठक में बिसाहिन को दंडित करने का निर्णय हुआ। इससे वह परेशान थीं।
रायपुर धरसींवा के टीआई बर्नाड कुजूर ने कहा कि समाज से बहिष्कृत करने की शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन उन्होंने जो शिकयत की थी, उसकी जांच की जा रही थी।