रायपुर

नान प्रभारी पर करोड़ों के चावल घोटाले का आरोप, PMO तक पहुंची शिकायत, 5 माह से जांच रिपोर्ट गायब!

Chhattisgarh Rice Scam: छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की रायपुर प्रभारी हेलेना तिग्गा पर करोड़ों रुपए के कथित चावल घोटाले का गंभीर आरोप लगा है।
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Aug 29, 2026
Chhattisgarh News
करोड़ों के चावल घोटाले का आरोप (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। NAN Rice Scam: छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) रायपुर की प्रभारी हेलेना तिग्गा पर करोड़ों रुपए के कथित भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। रायपुर, कोरबा और कोंडागांव में चावल घोटाले को लेकर खाद्य सचिव, मंत्री और प्रधानमंत्री तक शिकायत की गई है, लेकिन अब तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रभारी ने रायपुर, कोरबा और कोंडागांव में पदस्थ रहने के दौरान करोड़ों रुपए का चावल घोटाला किया। मिलरों से सांठगांठ कर घटिया और अमानक चावल को भी सही बताकर गोदामों में जमा करा लिया गया।

हालांकि इसकी शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ खाद्य नागरिक आपू्र्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण के अवर सचिव अमतोष जॉन ने प्रबंध संचालक को प्रकरण का जांच परीक्षण कर जांच प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर भेजने कहा गया था। लेकिन 5 माह बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट का अबतक कोई अता पता नहीं है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रिका के पास शिकायतकर्ता और नान प्रभारी के ऊपर जांच का पत्र मौजूद है।

भ्रष्टाचार के पैसे से विदेश यात्रा भी

शिकायतकर्ता भुनेश्वर और विजय ने आरोप लगाया है कि इस खेल में मिले कमीशन के पैसों से प्रभारी ने विदेश यात्राएं कीं और संपत्ति बनाई। बिना अनुमति के अप्रैल माह में दुबाई यात्रा की बात कही है। इनपर कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी और प्रोटेक्शन मनी मांगने का भी आरोप लगाया गया है। इतनी शिकायत होने के बावजूद अब तक अधिकारी पर जांच नहीं होना बड़ा सवाल है।

पीएम तक शिकायत, फिर भी दबा रहे मामला

इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने एसीबी, खाद्य सचिव, खाद्य मंत्री और नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री कार्यालय तक लिखित शिकायत भेजी है। इसमें कहा गया है कि रायपुर जिला प्रबंधक पद पर पदस्थ हेलेना तिग्गा पद का दुरुपयोग कर करोडों रुपए का भ्रष्टाचार की है। इनके द्वारा राइस मिलरों से खरीफ विपणन वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के सीएमआर का घटिया चावल को नागरिक आपूर्ति निगम प्रदाय केंद्रों में लेकर जमा कराया गया। इस एवज में मोटी रकम वसूली गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार करोंडों रुपए के भ्रष्टाचार के जांच का जिम्मा जिस अधिकारी (एजीएम नान) को सौंपा गया है, उन्होंने इसपर बोलने से मना कर दिया।

दुर्ग के दो इंस्पेक्टर की भी संलिप्तता

आरोप है कि मिलरों से सांठगांठ कर लाखों रुपए लेकर खराब गुणवत्ता के चावल के लॉट को उच्च गुणवत्ता का चावल बनाने के लिए रायपुर जिले में पोस्टिंग नहीं के बावजूद दुर्ग जिले की दो महिला अधिकारी के आईडी से घटिया चावल के 15-15 लाटों का सीएमआर के द्वारा जिलों के प्रदाय केंद्रों में जमा कराया गया।

महेंद्र साहू, एजीएम नान के मुताबिक, इस मामले में बोलने के लिए मैं ऑथराइज्ड नहीं हूं। उच्च अधिकारियों से इस मामले में बात करें।

Updated on:
29 Aug 2026 02:49 pm
Published on:
29 Aug 2026 02:48 pm