रायपुर

Heatwave in Raipur: रायपुर में नौतपा का कहर, अस्पतालों में 3 गुना बढ़े लू और उल्टी दस्त के मामले, रोज पहुंच रहे500 से अधिक मरीज

Heatwave in Raipur: रायपुर में लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण अस्पतालों में लू, डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अचानक तीन गुना तक बढ़ गई है।
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May 27, 2026
Heatwave in Raipur
अस्पतालों में बड़े लू और उल्टी दस्त के मरीज (photo AI)

Heatwave in Raipur: प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है। मंगलवार को नौतपा के दूसरे दिन भी लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत नहीं मिल पाई। स्थिति यह है कि रायपुर के एम्स, आंबेडकर, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में ओपीडी व भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या पिछले महीने की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ चुकी है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना मौसमी बीमारियों से पीड़ित 500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से गंभीर रूप से बीमार लोगों को भर्ती करना पड़ रहा है।

Heatwave in Raipur: लू के 25 से ज्यादा मरीज भर्ती

अकेले आंबेडकर अस्पताल में लू के 25 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी के इस सीजन में साल्मोनेला, ई. कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया भोजन में बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे खाना जल्दी खराब होता है। खानपान में जरा सी लापरवाही लोगों को फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और पेट के गंभीर इंफेक्शन का शिकार बना रही है। अस्पतालों में आने वाले बच्चों में तेज बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के चौंकाने वाले आंकड़े

दुनिया में हर साल करीब 60 करोड़ लोग (यानी हर 10 में से एक व्यक्ति) दूषित भोजन खाने से बीमार पड़ते हैं, जिनमें से 4.2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दम तोड़ने वालों में 5 साल से कम उम्र के सवा लाख बच्चे शामिल होते हैं। सड़क किनारे बिना ढंके बिकने वाले कटे फल, गोलगप्पे, चाट, बर्फ के गोले और हाइजीन का ध्यान रखे बिना बनाए जा रहे गन्ने का रस, आम पना व जूस लोगों को तेजी से बीमार कर रहे हैं। खुले में बिकने वाली इन चीजों में धूल और बैक्टीरिया सीधे प्रवेश कर जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, 5 से 20 साल के बच्चों और किशोरों में फूड प्वाइजनिंग के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं।

टॉपिक एक्सपर्ट ने कहा

गर्म व शुष्क हवाओं के कारण सांस नली में जलन, बलगम गाढ़ा होना, सांस फूलना और सीने में जकड़न के मरीज बढ़ गए हैं। स्ट्रीट फूड और बासी खाने से बचें। घर में बना ताजा व गर्म भोजन ही खाएं।

  • डॉ. आरके पंडा, एचओडी (रेस्पिरेटरी मेडिसिन), आंबेडकर अस्पताल

तेज धूप की यूवी किरणें, धूल और पसीना आंखों में सूखापन (ड्राई आईज), लालिमा और एलर्जी पैदा कर रहे हैं। अस्पताल में ऐसे मरीज काफी आ रहे हैं, लेकिन ध्यान रखें कि डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी मर्जी से कोई भी आई ड्रॉप न डालें।

  • डॉ. अनिल गुप्ता, सीनियर आई स्पेशलिस्ट
Updated on:
27 May 2026 10:33 am
Published on:
27 May 2026 10:33 am