हर चीज़ के दो पहलू होते हैं और कुछ गुणों के साथ अवगुण भी होते हैं। नीम (Neem) के साथ भी यही बात लागू होती है
रायपुर. नीम के पेड़ और उसके फायदों के बारे में आपने खूब पढ़ा होगा। इसकी आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी काफी मान्यता है। नीम (Neem) के पेड़ का हर भाग किसी ना किसी बिमारी के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। इसके पत्तो के खाने से आप कई बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही इसके दातून से आपके दांत से जुडी कई बीमारियों में भी काफी असरकारक होता है। इतने सारे फायदों के बावजूद नीम के कारण पुरुषों में बांझपन की समस्या भी बन सकता है।
एक एक शोध के अनुसार रोजाना नीम के पत्तों के जलीय सत्त की 3 ग्राम या इससे अधिक मात्रा का सेवन शुक्राणुनाशक हो सकता है। पुराने नीम की पतितयों का जलीय सत्त न सिर्फ वीर्य को स्थिर करता है, बल्कि 20 सोकंड के भीतर ही 100 प्रतिशत तक मानव शुक्राणुओं को मार भी देता है। इसके साथ ही गया कि नीम के पत्तों की न्यूनतम प्रभावी शुक्राणुनाशक सांद्रता कम से कम 2.9 मिलीग्राम / मिलियन शुक्राणु होती है। इसके अलावा शुक्राणुओं की आकृति विज्ञान पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है।
नीम का सेवन करना पड़ सकता है महंगा
अगर आप मधुमेह की समस्या से जूझ रहे हैं और रोज नीम के पत्ते या जूस का सेवन कर रहे हैं तो इसके तमाम फायदों के बावजूद सावधानी बरतने की जरुरत है । लेकिन हर चीज़ के दो पहलू होते हैं और कुछ गुणों के साथ अवगुण भी होते हैं। ये बात नीम के रस पर भी लागू होती है और इसके भी कुछ नुकसान होते हैं। यदि आप भी रोज़ाना सुबह नीम के पत्तों का रस पी रहे हैं तो इससे एंटी-फर्टीलिटी साइडइफेक्ट (पुरुष प्रजनन क्षमता पर दुष्प्रभाव) हो सकता है।
ऐसे लोग होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
किसी भी व्यक्ति के लिए नीम की पत्तियों (Neem Leaf) के सत्त की प्रति दिन 2 मिली ग्राम मात्रा तक ही लेनी चाहिए और अगर आप इसका सेवन करना चाहते हैं तो इसके लिए पहले अपने डाक्टर से जरुर सलाह ले लें, क्योंकि अधिक मात्रा में इसका सेवन आपके यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है और बांझपन का कारण भी बन सकता है।