रायपुर

दोपहर बाद ‘नो पेट्रोल-नो डीजल’ का लगा बोर्ड, रायपुर समेत कई जिलों में ईंधन की भारी किल्लत, लोग परेशान

Petrol Diesel Crisis: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल संकट गहराता जा रहा है। रायपुर समेत कई जिलों में कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है, जिसके बाद “नो पेट्रोल-नो डीजल” के बोर्ड लगाए गए हैं। जिन पंपों पर फ्यूल उपलब्ध है, वहां लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।
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May 14, 2026
Petrol Diesel Crisis
Petrol Diesel Crisis(photo-patrika)

Petrol Diesel Crisis: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में हालात ऐसे बन गए हैं कि कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। सप्लाई बाधित होने के कारण जगह-जगह “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग घंटों इंतजार कर पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सप्लाई पहुंच सके।

Petrol Diesel Crisis: रायपुर में बढ़ी अफरा-तफरी

राजधानी रायपुर में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। कई इलाकों के पेट्रोल पंपों में दोपहर बाद पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। इसके बाद लोगों को दूसरे पंपों की ओर जाना पड़ा, जहां पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें कई किलोमीटर घूमने के बाद भी पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि कई पंपों में एक वाहन को तय लिमिट तक ही ईंधन दिया जा रहा है।

बिलासपुर में 13 पेट्रोल पंपों का स्टॉक खत्म

बिलासपुर जिले में भी ईंधन संकट तेजी से गहराता जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले के 13 पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। कई पंपों पर बड़े अक्षरों में “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। बाकी बचे पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। लोग घंटों लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई लोग अतिरिक्त स्टॉक के डर से जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं।

दंतेवाड़ा में डीजल संकट से ट्रांसपोर्टर परेशान

दंतेवाड़ा जिले में डीजल संकट सबसे ज्यादा असर दिखा रहा है। अधिकतर पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म हो जाने के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने से वाहन खड़े करने की नौबत आ गई है। यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो बाजार और सप्लाई चेन पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है। सुबह से कई पेट्रोल पंपों में सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि डीजल उपलब्ध ही नहीं था। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।

सप्लाई बाधित होने से बढ़ी चिंता

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण यह स्थिति बनी है। तेल कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित होने से कई पंपों में स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और संभावित मूल्य वृद्धि की चर्चाओं के कारण लोगों ने ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे दबाव और बढ़ गया।

परिवहन और सरकारी कामकाज पर भी असर

ईंधन संकट का असर अब सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा। परिवहन सेवाओं, निजी संस्थानों और सरकारी विभागों पर भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। स्कूल वाहन, मालवाहक ट्रक, निजी बसें और अन्य व्यावसायिक वाहन भी ईंधन संकट से प्रभावित हो रहे हैं। यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन और तेल कंपनियां अलर्ट मोड पर

स्थिति को देखते हुए प्रशासन और तेल कंपनियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सप्लाई सामान्य करने की कोशिश की जा रही है ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी या कृत्रिम संकट पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों में अभी भी बना हुआ है डर

हालांकि प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहा है, लेकिन लोगों के बीच अभी भी ईंधन को लेकर चिंता बनी हुई है। कई लोग आने वाले दिनों में और ज्यादा संकट की आशंका जताते हुए पहले से ही अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल जमा करने में लगे हैं। इसी वजह से प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है।

Updated on:
14 May 2026 05:12 pm
Published on:
14 May 2026 05:11 pm