Mahadev Satta App : प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले रैकेट तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
रायपुर . प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले रैकेट तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इससे जुड़े हुए देशभर के विभिन्न राज्यों में सट्टा खिलाने वालों और इसके सरगना तक पहुंचने योजना बनाई गई है। बताया जाता है कि इस मामले की जांच के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
सट्टा खिलानो वालों के मददगारों और उससे लाभांवित होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं दबाव बढ़ने पर वह दूसरे राज्यों के सुरक्षित ठिकानों में जाकर कारोबार चला रहे है।
इन सभी के महादेव ऐप के साथ ही अन्ना रेड्डी और क्लासिक 99 डॉट कॉम से ऑनलाइन सट्टा खिलाने वालों से तार जुड़े हुए है। इसे देखते हुए ईडी द्वारा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के साथ ही अन्य राज्यों को जानकारियां भेजी गई है।
देशभर में फैला है नेटवर्क
साथ ही उनका लोकेशन ट्रेस करने के लिए मोबाइल नम्बर को सर्विलांस में डाला गया है। ताकि ऑनलाइन सट्टे पर रोक लगाने के साथ ही विदेशों में बैठे संचालकों तक पहुंचनी वाली रकम को रोका जा सके।
बता दें कि महादेव ऐप के जरिए महादेव ऐप से प्रतिमाह 300 करोड़ रुपए का कारोबार किया जा रहा है। इसे संरक्षण देने वालों और आईडी लेकर सट्टा खिलाने वालों को 100 करोड़ रुपए प्रतिमाह बांटने के बाद 200 करोड़ रुपए संचालकों तक पहुंच रही है।
अमेरिका से मॉनिटरिंग कर रहे हैकर्स
ऑनलाइन सट्टा के साफ्टवेयर की मॉनिटरिंग करने के लिए अमरीका के हैकर्स को हायर करने के इनपुट मिले हैं। ताकि उनका कारोबार बिना किसी अवरोध के चलता रहे। साथ ही ऐप ब्लाक करने के बचाया जा सकें।
बताया जाता है कि ईडी और विभिन्न राज्यों की पुलिस द्वारा सट्टा खिलाने वालों को पकड़ने के बाद भी ऑनलाइन कारोबार चल रहा है। बता दें कि पिछले 6 महीनों में महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और झारखंड में 50 से अधिक सटोरियों को स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।