रायपुर

Chhattisgarh Paddy Spoil: छत्तीसगढ़ में 26 करोड़ का धान खराब, बैज का सरकार पर हमला, बोले- नहीं पचा पाए धान

Chhattisgarh Paddy Spoil: कवर्धा, जशपुर, महासमुंद और पेंड्रा में धान खराब व गायब होने के मामलों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

2 min read
Jan 15, 2026
छत्तीसगढ़ में 26 करोड़ का धान खराब (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Paddy Spoil: छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अब तक ₹26 करोड़ का धान खराब हो चुका है। कवर्धा जिले में चूहों, दीमक और बारिश ने ₹7 करोड़ का धान खराब कर दिया। जशपुर में ₹7 करोड़ का धान गायब होने का मामला सामने आया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 2024-25 में खरीदा गया करीब 20,000 क्विंटल धान खराब हो गया है, जिससे सरकार को ₹6 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।

ये भी पढ़ें

Patwari Suspended: अवैध धान परिवहन मामले में पटवारी निलंबित, राजस्व विभाग की सख्ती

Chhattisgarh Paddy Spoil: पूर्व विधायक ने खाद्य मंत्री को सौंपा चूहा पकड़ने वाला पिंजरा

इस बीच, महासमुंद जिले के पांच स्टोरेज सेंटर में करीब 5.5 करोड़ रुपये का धान सूख गया। कुल मिलाकर, राज्य में 25 करोड़ रुपये से ज़्यादा के धान का नुकसान हुआ है। अब, PCC चीफ बैज ने आरोप लगाया है कि बस्तर में 1.46 लाख क्विंटल धान खराब हो गया है। बस्तर के एक धान खरीद सेंटर पर दो मरे हुए चूहे दिखाते हुए दीपक बैज ने कहा कि ये चूहे बस्तर पहुंचने से पहले ही मर गए। इस बीच, राजधानी रायपुर में पूर्व MLA विकास उपाध्याय ने खाद्य मंत्री को चूहे पकड़ने वाला पिंजरा सौंपा।

बस्तर में 1.46 लाख क्विंटल धान खराब होने का आरोप

छत्तीसगढ़ में धान के लगातार खराब होने को लेकर कांग्रेस पार्टी सरकार पर हमला कर रही है। बस्तर में धान कलेक्शन सेंटर का इंस्पेक्शन करने गए PCC चीफ दीपक बैज ने अपने हाथ में मरा हुआ चूहा दिखाया और कहा कि यह चूहा कवर्धा, जशपुर और महासमुंद का धान खाने के बाद मरा है। बैज ने मज़ाक में कहा कि यहां मिले चूहे BJP के हैं और उन्हें डर है कि वे भविष्य में 100 करोड़ रुपये का धान खा सकते हैं। उन्होंने 1.46 लाख क्विंटल धान खराब होने का भी आरोप लगाया।

रायपुर में कांग्रेस ने खाद्य मंत्री को चूहे पकड़ने वाला पिंजरा दिया

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में चावल खराब होने को लेकर कांग्रेस ने BJP सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। 14 जनवरी को पूर्व MLA विकास उपाध्याय ने राज्य के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को "चूहा पकड़ने वाला जाल" भेंट किया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर सरकार का दावा है कि चावल चूहों और दीमकों की वजह से खराब हुआ है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

पेंड्रा में खराब धान बेचने की बात कह रहे अधिकारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024-25 में खरीद के बाद धान लंबे समय तक पेंड्रा रोड के स्टोरेज सेंटर्स में पड़ा रहा। इसे कस्टम मिलिंग के लिए समय पर राइस मिल्स तक नहीं पहुंचाया जा सका। बेतरतीब स्टोरेज और खुले में स्टोरेज की वजह से धान नमी, बारिश और दूसरे मौसम के हालातों के संपर्क में आ गया।

Chhattisgarh Paddy Spoil: इन वजहों से धान पूरी तरह काला पड़ गया और घटिया हो गया। इसकी क्वालिटी अब इतनी खराब हो गई है कि यह इस्तेमाल करने लायक नहीं रहा। इस बात को लेकर किसान और उससे जुड़े लोग बहुत परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर ट्रांसपोर्टेशन, सही तरीके से कवरिंग और मिलिंग का इंतज़ाम किया गया होता, तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।

एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर समय पर लिफ्टिंग न होने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। डिस्ट्रिक्ट मार्केटिंग ऑफिसर हरीश शर्मा ने साफ किया कि कुल 20,000 क्विंटल धान में से लगभग 16,000 क्विंटल के लिए डिलीवरी ऑर्डर (DOs) जारी कर दिए गए हैं और राइस मिलर्स इसे उठाने के लिए तैयार हैं।

Updated on:
15 Jan 2026 04:47 pm
Published on:
15 Jan 2026 04:46 pm
Also Read
View All

अगली खबर