Pahalgam Terror Attack: छत्तीसगढ़ के चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 लोगों के लिए नजाकत भाई भगवान बनकर आए। उन्हीं की मदद से सभी की जान बची।
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की आतंकी घटना में बाल-बाल बचे छत्तीसगढ़ के चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 लोगों के लिए नजाकत भाई भगवान बनकर आए। उन्हीं की मदद से सभी की जान बची। वे 22 अप्रैल को दोपहर 1 से डेढ़ बजे के बीच बैसरन घाटी पहलगाम पहुंचे थे। वे प्रकृति की अनुपम खूबसूरती का आनंद ले ही रहे थे कि कुछ देर बाद आतंकियों ने हमला कर दिया। वे घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर थे। किसी तरह वे वहां से आर्मी के बेस कैंप में पहुंचे और जान बची।
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने और आतंकवाद के खिलाफ लोग एक सुर से आवाज बुलंद कर रहे हैं। राजधानी में लगातार यह दौर जारी है। शुक्रवार को विभिन्न संगठनों, समितियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार से आतंकियों के फनों को कुचलने की मांग की।
अरविंद अग्रवाल व चिरमरी की 4 फेमिली के 11 सदस्य पहलगाम पहुंचे थे। शुक्रवार को अरविंद अपनी पत्नी पूजा का इलाज कराने आंबेडकर अस्पताल के ऑर्थोपीडिक विभाग पहुंचे थे। तब पत्रिका रिपोर्टर ने उनसे बात की। उन्होंने पहलगाम की जो आप बीती बताई है, वह दिल दहला देने वाला है।
दरअसल जिस नजाकत भाई की हम बात कर रहे हैं, वे ठंड के सीजन में गर्म कपड़े बेचने के लिए हर साल चिरमिरी आते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोगों का उनसे जान पहचान है। जब दोपहर दो से ढाई बजे के करीब आतंकवादियों को नाम व धर्म पूछ-पूछकर मारना शुरू किए, तब वहां से कुछ ही दूर परिवार व सभी साथी फोटो सेशन कर रहे थे। अचानक गोली चलने की आवाज आई तो सभी घबरा गए। उनके साथ चूंकि चार फेमिली थी, उनमें दो फेमिली उनसे आगे निकलकर सुरक्षित पहुंच गए। तब उनके साथ कुलदीप स्थापक, हैप्पी बधावन, शिवांश जैन का परिवार भी था।
अरविंद का कहना है कि ये भगवान का शुक्र है कि सभी चार फेमिली की जान बच गई। वे श्रीनगर से पहलगाम की बैसरन घाटी दोपहर एक से डेढ़ बजे के बीच पहुंचे थे। आधा घंटा पहले पहुंचते तो शायद जान नहीं बचती। दरअसल तब आतंकी पर्यटकों को मारना शुरू कर चुके थे। आर्मी के जवानों ने भी मदद की, जिसे जीवनभर नहीं भुलाया जा सकता। उनका कहना है कि आतंकियों को उनके कराए की सजा मिलनी ही चाहिए।
सदस्यों ने श्रीराम चौक पर पहलगाम के मृतकों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
डॉ. सुरेश शुक्ला जिला मुख्य आयुक्त, विजय कुमार खंडेलवाल जिला आयुक्त, राजेश कुमार अग्रवाल सहायक संचालक, मृत्युंजय शुक्ला सचिव सहित अनेक लोगों ने कड़े शब्दों में हमले की निंदा की।
पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में रायपुर के समता कॉलोनी निवासी कारोबारी दिनेश मिरानिया की दुखद मौत के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को उनके निवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा और बेटे शौर्य से मुलाकात की और इस त्रासदी पर शोक जताया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बारीकी से इस घटना के बारे में जानकारी ली और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
बीते दिनों पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले भारतीयों को शहर कांग्रेस ने श्रद्धांजलि दी। राजीव गांधी चौक में कांग्रेस के नेताओं ने कैंडल जलाकर मृत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी एवं दो मिनट का मौन भी धारण किया। कांग्रेस नेताओं ने इस आतंकवादी हमले की एक स्वर में निंदा की।
साथ ही इस घटना मे मृतक के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की एवं इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही। प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी विजय जांगिड़ व जरिता लैतफलांग ने कहा की जम्मू कश्मीर में पर्यटकों पर हुए इस वीभत्स हमले पर पूरा देश स्तब्ध है। कांग्रेस पार्टी इस कायराना हमले की निंदा करती है और मृतकों के प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है।
पूरा देश चाहता है कि आतंकवाद का जड़ से सफाया हो। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, कुलदीप जुनेजा, प्रमोद दुबे, एजाज ढेबर, कन्हैया अग्रवाल, पंकज मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी सक्रिय हो गई है। शुक्रवार की शाम एनआईए रायपुर की एक टीम हमले में मारे गए कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर पहुंची। टीम करीब चार घंटे घर में रुकी रही। इस दौरान टीम ने मृतक के परिवार वालों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
जानकारी के मुताबिक, एनआईए की टीम शाम करीब 7.30 बजे समता कॉलोनी में मिरानिया निवास पहुंची। टीम में महिला अधिकारी भी शामिल थी। टीम ने मृतक की पत्नी नेहा मिरानिया, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। तीनों से अलग-अलग जानकारी ली गई।
घटनास्थल, आसपास के लोग, आतंकियों की बातचीत, फायरिंग आदि से जुड़ी कई जानकारियां ली। टीम करीब 4 घंटे तक जानकारी लेती रही। उल्लेखनीय है कि कारोबारी दिनेश मिरानिया अपने परिवार के साथ पहलगाम गए थे। इस दौरान आतंकियों ने बेटी के सामने उन्हें गोली मार दी थी। दिनेश के साथ कई टूरिस्टों की भी हत्या कर दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिस राज्य के लोग घटना में मारे गए हैं, वहां-वहां एनआईए की टीम सक्रिय हो गई है। मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों से घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ले रही है।
अरविंद की पत्नी जान बचाते हुए घायल हो गई थी। उनके दाहिने कंधे में हल्का फ्रैक्चर आया है। ऑर्थोपीडिक विभाग में डॉ. प्रणय श्रीवास्तव ने इलाज किया। कंधे व रीढ़ की हड्डी की एक्सरे जांच की गई। इसमें हल्का फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। दर्द भी इसी कारण हो रहा है।
गोलीबारी के दौरान जान बचाने के लिए उन्हें जमीन पर लेटना पड़ा था। मरीज को जरूरी दवाइयां देकर फॉलोअप में बुलाया गया है। संभवत: इसी दौरान उन्हें चोट आई होगी। रायपुर पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सकुलशल लौटने पर खुशी जताई।
मौन रैली शाम 6 बजे निकालकर आतंकी हमले की निंदा की। सुभाष स्टेडियम से डॉ. आंबेडकर चौक तक भारत सरकार से आतंकियों को समूल नष्ट करने की आवाज उठाई। आनंदमार्ग प्रचारक संघ रायपुर के भुक्ति प्रधान यदुनाथ, आचार्य अर्पितानंद अवधूत एवं अवधुतिका आनंद हितव्रता आचार्या, आचार्य रितेश्वरानंद अवधूत शामिल थे।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच छत्तीसगढ़ प्रांत ने आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. सलीम राज के नेतृत्व में लोग विरोध प्रदर्शन में जुटे। उन्होंने कहा, आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता है। पहलगाम जैसी घटना अब दोबारा देश में न हो। केंद्र सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई कर सबक जरूर सिखाएगी।