सिटी के प्रकाश गर्ग की पेंटिंग एयरपोर्ट में एग्जीबिट
रायपुर।खुश रहना अपने हाथों में है। कामयाब होने के लिए मेहनत ही नहीं पॉजीटिव सोच भी मायने रखती है। भगवान भरोसे बैठे रहने या हाथों की लकीरों को दोष देने से जिंदगी खुशगवार नहीं हो सकती। कुदरत ने सभी को खुला आसमान दिया है। हरियाली दी है। सोचने की शक्ति दी है। क्वालिटी ऑफ लाइफ कहीं और से नहीं बल्कि खुद के भीतर से आएगी। कुछ ऐसे ही विचार प्रस्तुत कर रही है सिटी के प्रकाश गर्ग की पेंटिंग। सुंदर नगर निवासी प्रकाश की पेंटिंग एयरपोर्ट कैंपस में एग्जीबिट की गई है। इनकी सभी पेंटिंग कॉन्सैप्चुएल एब्ट्रेक्ट है। जिससे कुछ न कुछ सीख मिलती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर राकेश सहाय ने कहा कि हमने यह इनिशिएटिव इसलिए लिया है ताकि यहां आने वाले यात्रियों को छत्तीसगढ़ के टैलेंट का पता लग सके। हम बीते कुछ महीनों से यहां के आर्टिस्ट को प्लेटफॉर्म दे रहे हैं। इसी कड़ी में प्रकाश गर्ग ने पेंटिंग एग्जीबिट की गई है। राज्य का कोई भी आर्टिस्ट हमारे यहां आवेदन देकर अपनी कला को यहां प्रदर्शित कर सकता है।
कॉमन नजरिया जरूरी
इस पेंटिंग में प्रकाश ने बताया है कि दो लोग साथ रहते हैं, जब तक उनका नजरिया कॉमन नहीं होगा वे खुश नहीं रह पाएंगे। हालांकि हर किसी का अपना नजरिया होना चाहिए लेकिन दो दोस्त या पार्टनर को एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हुए आगे बढऩा होगा।
स्कूलों में खर्च करते हैं अर्निंग
प्रकाश मूलत: अंबिकापुर के बतौली गांव के रहने वाले हैं। उनके इलाके में 35 स्कूल हैं। चूंकि वे पहाड़ी इलाके से हैं। बुद्ध भी शांति के स्वरूप हैं। शांति पहाड़ों में मिलती है। इस कॉन्सेप्ट पर ये मूर्ति बनाई है। वे इसे बेचते हैं और इससे मिलने वाले पैसे को बतौली के स्कूलों में खर्च करते हैं।