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नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका! छत्तीसगढ़ से जुड़े 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 38 लाख का था इनाम घोषित

Chhattisgarh Naxal Surrender News: छत्तीसगढ़ से लगे गढ़चिरौली में नक्सल विरोधी अभियान के तहत 5 वरिष्ठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें डीवीसीएम, पीपीसीएम और एसीएम स्तर के कैडर शामिल हैं।

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Chhattisgarh Naxal News

Chhattisgarh Naxal News(photo-patrika)

Chhattisgarh Naxal News: छत्तीसगढ़ से लगे गढ़चिरौली जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने 5 वरिष्ठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें डीवीसीएम, पीपीसीएम और एसीएम स्तर के कैडर शामिल हैं। इन सभी पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था। लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों और सुरक्षा बलों के दबाव के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

Chhattisgarh Naxal News: “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” से बढ़ा दबाव

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण लगातार चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” का परिणाम है। इस अभियान का उद्देश्य गढ़चिरौली जिले से नक्सलवाद का पूरी तरह समूल खात्मा करना है। सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई, लगातार सर्च ऑपरेशन और बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर होता दिखाई दे रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मधु उर्फ राकेश उर्फ बाजीराव बुकलू वेल्दा (52), निवासी बुरगी, एटापल्ली, गढ़चिरौली शामिल है। इसके अलावा जीवन उर्फ जुग्गु उर्फ भीमा देवा मड़काम (26), निवासी तोयाम, कोंटा, सुकमा (छत्तीसगढ़), रजनी उर्फ दुर्गा उर्फ रामोती धुर्वा (40), निवासी कातुलझोरा, मोहला (छत्तीसगढ़), मंगली रघु कुरसाम (22), निवासी सवनार, उसूर, बीजापुर (छत्तीसगढ़) और लक्ष्मी डेंगा पुनेम (25), निवासी शिकुरभाट्टी, बातागुड़ा, बीजापुर (छत्तीसगढ़) शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग नक्सली इकाइयों में सक्रिय थे और कई गंभीर मामलों में वांछित थे।

छत्तीसगढ़ से जुड़े कैडरों की मौजूदगी

इनमें से कई नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर और मोहला जिलों से जुड़े हैं। यह तथ्य नक्सली नेटवर्क की अंतरराज्यीय संरचना को भी दर्शाता है, जहां महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्रों में सक्रियता लंबे समय से बनी हुई है।

अलग-अलग नक्सली इकाइयों में थे सक्रिय

जानकारी के अनुसार मधु उर्फ राकेश कुतुर एरिया कुरियर टीम में डीवीसीएम के पद पर सक्रिय था, जबकि जीवन उर्फ जुग्गु कंपनी क्रमांक 7 में पीपीसीएम के रूप में कार्यरत था। रजनी नेलनार टेक्निकल टीम में एसीएम की भूमिका में थी। मंगली कंपनी क्रमांक 10 की सदस्य थी और लक्ष्मी स्टाफ टीम का हिस्सा थी।

इन सभी के खिलाफ अलग-अलग थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और सुरक्षा एजेंसियों की लंबे समय से इन पर नजर थी। सुरक्षा बलों का मानना है कि इन पांच वरिष्ठ कैडरों के आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। इससे संगठन की स्थानीय इकाइयों और सप्लाई नेटवर्क पर भी असर पड़ेगा।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान तेज

पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जाएगा और विकास के साथ सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया गया है। लगातार सर्च ऑपरेशन, सुरक्षा कैंपों के विस्तार और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण नक्सली गतिविधियों में कमी देखी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप कई नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं और आत्मसमर्पण कर रहे हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और विकास स्थापित करने के प्रयासों से नक्सल प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है।