CG Flight News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ के ट्रैवल सेक्टर पर भी साफ नजर आने लगा है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में इस बार बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
CG Flight News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ के ट्रैवल सेक्टर पर भी साफ नजर आने लगा है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में इस बार बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर Dubai और यूरोप के देशों के लिए ट्रैवल प्लान प्रभावित हुए हैं।
ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि हर साल गर्मी की छुट्टियों के दौरान छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग दुबई और यूरोप जैसे लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों की यात्रा करते थे, जिससे इस सीजन में ट्रैवल इंडस्ट्री में अच्छी खासी रौनक रहती थी। लेकिन इस बार वैश्विक हालात पूरी तरह बदल गए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर यात्रियों के रुझान पर पड़ा है।
स्थिति को देखते हुए लोग विदेश यात्रा को लेकर सतर्क हो गए हैं और अनिश्चितता के कारण अपने प्लान टाल रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि यात्रियों की संख्या में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस भारी कमी ने ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों और एयरलाइंस से जुड़े कारोबार पर भी असर डाला है, जिससे पूरे ट्रैवल सेक्टर को आर्थिक झटका लगा है।
यात्रियों की संख्या कम होने के साथ ही एयरलाइंस ने किराए में भी इजाफा कर दिया है। यूरोप के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स के टिकट पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। बढ़े हुए किराए के कारण आम यात्रियों के लिए विदेश यात्रा करना मुश्किल हो गया है।
महंगे हवाई किराए और अंतरराष्ट्रीय हालात में बनी अनिश्चितता के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी विदेश यात्राएं टालने या पूरी तरह रद्द करने को मजबूर हो रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों का भरोसा प्रभावित हुआ है, जिससे बुकिंग में लगातार गिरावट देखी जा रही है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर आने वाले महीनों में और गहरा सकता है और ट्रैवल इंडस्ट्री को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सौरभ व्यास ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का सीधा असर ट्रैवल इंडस्ट्री पर पड़ा है। पहले जहां गर्मी की छुट्टियों में भारी बुकिंग होती थी, वहीं इस बार 60-70 फीसदी तक गिरावट आई है। एयरफेयर बढ़ने के कारण लोग अपने ट्रैवल प्लान को आगे बढ़ा रहे हैं या रद्द कर रहे हैं।