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Smart meter update: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर पर सरकार का बड़ा दावा, बिजली खपत में 32% गिरावट, 400 यूनिट के भीतर आए आधे से ज्यादा उपभोक्ता

Smart Meter News: स्मार्ट मीटर को लेकर जारी आंकड़ों में दावा किया है कि रायपुर सिटी रीजन में जुलाई के दौरान बिजली खपत में 32% कमी आई है। 400 यूनिट के भीतर बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है।
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Smart meter update:

स्मार्ट मीटर पर सरकार का बड़ा दावा (photo AI Image)

Chhattisgarh Smart Meters: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही चर्चाओं और उपभोक्ताओं की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी कर दावा किया है कि स्मार्ट मीटर के संबंध में फैली कई भ्रांतियों की पुष्टि उपलब्ध आंकड़ों से नहीं होती। सरकार के अनुसार रायपुर सिटी रीजन में जून और जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के विश्लेषण से बिजली खपत में करीब 32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर सीमित किया है, जिससे उन्हें हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिल रहा है।

एक महीने में 32 प्रतिशत घटी बिजली खपत

ऊर्जा विभाग के अनुसार जून 2026 में रायपुर सिटी रीजन में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी। जुलाई में यह घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस तरह एक ही महीने में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं की बदली हुई बिजली उपयोग की आदत, मौसम में बदलाव और ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का परिणाम है।

स्मार्ट मीटर पर सरकार ने दी सफाई

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जुलाई में बिजली की मांग और खपत दोनों में कमी आई है। विभाग का दावा है कि उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया बदलाव मुख्य रूप से मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं का परिणाम है। सरकार ने यह भी कहा कि उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर को लेकर फैली विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।

400 यूनिट के भीतर पहुंचे अधिक उपभोक्ता

ऊर्जा विभाग के अनुसार राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का असर भी उपभोक्ताओं के व्यवहार में दिखाई दे रहा है। जून में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह करीब 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, यानी लगभग 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने जानबूझकर अपनी बिजली खपत 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

मौसम और ऊर्जा बचत को भी माना कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में तापमान कम होने और मानसून सक्रिय रहने से एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का उपयोग कम हुआ, जिसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ा। इसके अलावा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और बिजली बचाने की आदतों ने भी खपत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्मार्ट मीटर पर जारी है बहस

हालांकि, राज्य के कई जिलों में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें लगातार कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोग अधिक बिल आने की बात कह रहे हैं और इस मुद्दे पर राजनीतिक दल भी सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से जारी यह आंकड़ा स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपना पक्ष रखने की कोशिश माना जा रहा है। वहीं उपभोक्ताओं की शिकायतों और सरकार के दावों के बीच स्मार्ट मीटर का मुद्दा अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।