Petrol Diesel Price Hike: वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें कई किलोमीटर घूमने के बाद भी पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि कई पंपों में एक वाहन को तय लिमिट तक ही ईंधन दिया जा रहा है।
Petrol Diesel Price Hike: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ने की संभावना है। ईंधन के दाम बढ़ने के बाद परिवहन खर्च और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी असर देखने को मिल सकता है। नए रेट लागू होने के बाद वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है। रायपुर में पेट्रोल के दाम 103 रुपये 48 पैसे हुए। पेट्रोल और डीजल के नए दाम आज शुक्रवार (15 मई 2026) से लागू हो गए हैं।
रायपुर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों की टंकियां भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचे। कई जगहों पर सुबह से ही लंबी कतारें नजर आईं। अचानक बढ़े दामों को लेकर लोगों ने नाराजगी भी जाहिर की। वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है।
रायपुर में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। कई इलाकों के पेट्रोल पंपों में दोपहर बाद पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। इसके बाद लोगों को दूसरे पंपों की ओर जाना पड़ा, जहां पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें कई किलोमीटर घूमने के बाद भी पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि कई पंपों में एक वाहन को तय लिमिट तक ही ईंधन दिया जा रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण यह स्थिति बनी है। तेल कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित होने से कई पंपों में स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और संभावित मूल्य वृद्धि की चर्चाओं के कारण लोगों ने ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे दबाव और बढ़ गया।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजों, सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में तेल के दाम और बढ़ सकते हैं।
बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से फ्यूल बचाने की अपील की थी. उन्होंने वर्क फ्रॉम करने और निजी वाहनों के कम इस्तेमाल पर जोर दिया था. तभी से ऐसे संकेत मिल रहे थे कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.