
रायपुर। Chhattisgarh News: नगर निगम के 70 वाडोZं के अलावा गांवों तक अवैध होर्डिंग्स कारोबार पसरा है, जिस पर रोक लगाने और जुर्माना वसूलने के मामले में भी खानापूर्ति का तरीका अपना लिया गया है। स्थिति यह है कि जहां जगह दिखी बिना अनुमति होर्डिग्स और पोस्टर फ्लैक्स लगाकर एड एजेंसियां मलाई काट रही हैं। जिस पर कोई रोक नहीं। इसके पीछे मिलीभगत के खेल इनकार नहीं किया जा सकता है। क्याेंकि निगम में पंजीयन कराने बाद अवैध कारोबार को अंजाम दिया जाता है।
आचार संहिता लगने के साथ ऐसे होर्डिंग्स, पोस्टर निकालने का अभियान तो चला, लेकिन सख्ती से रोक लगाने में कोताही बरती जा रही है। अवैध होर्डिंग से लेकर नेताओं के प्रचार प्रसार के फ्लैक्स सामाजिक और धार्मिक आयोजन के माध्यम से चमक रहे हैं। ऐसी जगहों पर अमला कन्नी काट रहा है। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में होर्डिंग व वॉल पेंट को हटाया नहीं गया है। इसमें कई होर्डिंग्स पिछले साल से लगे हुए हैं।
रामनगर के एक मकान पर चार होर्डिंग
रामनगर ओवरबि्रज के करीब एक मकान पर नवरात्रि, दशहरा व दिवाली की बधाई देने वाले चार होर्डिंग लगे हुए हैं। जिसका न तो निगम में शुल्क जमा कराया जाता है न ही अनुमति लेने की प्रक्रिया की जाती है। इस मामले में पूर्व पार्षद भी पीछे नहीं हैं, उसी मकान में एक बड़ा होर्डिंग यूं ही लगा जा चुका है। थोड़ी दूर दीवार पर वॉल पेंट और प्रचार वाले बैनर टांगे हुए नजर आते हैं।
सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स जस के तस
शंकर नगर एक्सप्रेस-वे के ओवरब्रिज में सरकारी योजनाओं का होर्डिंग जस का तस लगा हुआ है। बड़े-बड़े प्रचार प्रसार के होर्डिंग शंकरनगर, संतोषी नगर व जीई रोड, आरकेसी के पास दिखाई देते हैं। इसके अलावा अभी भी पचपेड़ी नाका के गलियों से वॉल पेटिंग की पुताई नहीं की गई है। दूसरी तरफ पार्षद व युवा नेता अपने-अपने चहेते नेताओं की तस्वीरों के साथ दशहरा व गरबा के आड में जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाने में पीछे नहीं हैं।
निजी मकानों और जगहों में प्रचार-प्रसार वाले होर्डिग्स और फ्लैक्स के लिए निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। शिकायत और सूचना मिलने पर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जुर्माना वसूलने का नियम है। - श्रीकुमार मेनन, अध्यक्ष नगर निवेशक विभाग