रायपुर

कांग्रेस चुनाव समिति की पहली बैठक, पुनिया करेंगे पदाधिकारियों व वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा

90 सीटों पर आए 1900 से अधिक दावेदारों की भीड़ ने प्रत्याशी चयन में जुटे कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं

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Aug 25, 2018
congress first baithak
कांग्रेस चुनाव समिति की पहली बैठक, पुनिया करेंगे पदाधिकारियों व वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा

रायपुर. विधानसभा चुनाव के लिए 90 सीटों पर आए 1900 से अधिक दावेदारों की भीड़ ने प्रत्याशी चयन में जुटे कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस भवन में शुक्रवार को हुई प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति की पहली बैठक में नामों की इस भीड़ की वजह से दावेदारों पर चर्चा तक नहीं हो पाई।

पार्टी अब टिकट वितरण के पुराने फॉर्मूले में बदलाव की बात कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की अध्यक्षता में करीब ५ घंटे तक चली इस बैठक में प्रमुख सीटों पर समीकरणों पर चर्चा हुई। विधायक दल के नेता टीएस सिंहदेव ने बताया, बैठक में कहां से कितने आवेदन आए हैं, उसपर चर्चा हुई है। नामों पर बात नहीं हुई। सितम्बर में प्रस्तावित आगामी बैठक में उनपर चर्चा हो सकती है। इस बीच नामों के चयन में गलती की गुंजाइश न रहे, इसके लिए प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया खुद संभागों में जाकर पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से संभावित नामों पर चर्चा करेंगे।

स्क्रीनिंग कमेटी भी अलग से नामों पर विचार कर अपनी सिफारिश कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को भेजेगी। बताया जा रहा है कि इस बीच अब तक हो चुके पांचों सर्वेक्षणों और अभी जारी युवा कांग्रेस के प्रेक्षकों की रिपोर्ट अलग-अलग राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचेगी। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव मोतीलाल वोरा, सचिव चंदन यादव, अरुण उरांव, विधायक धनेंद्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, सांसद ताम्रध्वज साहू, छाया वर्मा आदि मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि बैठक में उन सीटों की बात हुई, जहां से अकेले आवेदन अथवा दो-तीन आवेदन आए हैं। अकेले आवेदन वाली सीटों में पाटन, दुर्ग शहर, अम्बिकापुर, साजा और कोंटा का नाम शामिल है। इसी तरह रायपुर ग्रामीण जैसी करीब डेढ़ दर्जन सीटें हैं, जहां एक बड़े नेता के अलावा एक-दो और दावे आए हैं। इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम 15 सितम्बर से पहले घोषित हो सकते हैं।

पार्टी सूत्रों की माने तो ब्लॉक समितियों के जरिए आवेदन मंगाने के फॉर्मूले के बाद भी टिकट का अंतिम फैसला राहुल गांधी को ही करना है। यह नाम सभी छह सर्वेक्षणों, पार्टी स्क्रीनिंग कमेटी और केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की सिफारिशों में से छनकर आए नेताओं के होंगे। अंतिम घोषणा से पहले राहुल गांधी अपने सलाहकारों, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के साथ चर्चा जरूर करेंगे।

Published on:
25 Aug 2018 09:42 am