
CG Employees Strike: नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ ने राज्य शासन पर मांगों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल अगले माह 6 और 7 अगस्त को संभागस्तर पर की जाएगी। महासंघ ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं किए जाने के कारण उन्हें आंदोलन के लिए विवश होना पड़ रहा है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष खेमूलाल निषाद और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संजय एडे सहित सभी संभाग अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से बताया कि संगठन ने शांतिपूर्ण माध्यमों से लगातार मांगें रखीं, किंतु आज तक कोई सकारात्मक एवं प्रभावी निर्णय नहीं किया गया। शासन की लगातार उपेक्षा और कर्मचारियों के साथ हो रही वेतन संबंधी असमानता से गहरा असंतोष व्याप्त है।
महासंघ के अनुसार, प्रदेश के 192 नगरीय निकायों 14 नगर निगम, 54 नगरपालिका और 124 नगर पंचायत में लगभग 20,000 प्लेसमेंट, आउटसोर्स और ठेका कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से विभिन्न महत्त्वपूर्ण विभागों में कार्यरत हैं। ये कर्मचारी नियमित कर्मचारियों के समान सफाई, पेयजल, विद्युत और कार्यालयीन कार्य सहित नागरिक सेवाओं का संचालन करते हैं, लेकिन उन्हें समान कार्य के बावजूद समान वेतन और अन्य सुविधाएं प्राप्त नहीं हो रही हैं।
प्रमुख मांगों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालनालय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों की भांति सभी नगरीय निकायों के प्लेसमेंट कर्मचारियों को संविदा दर के अनुसार पारिश्रमिक प्रदान करना और चारों नवीन श्रम संहिताओं को तत्काल लागू करना शामिल है। खेमूलाल निषाद ने कहा कि यदि शासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं करता है तो संगठन अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगा। संजय एडे ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी किए जाने के कारण अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है।