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कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में छत्तीसगढ़ की दावेदारी, कोको पाढ़ी समेत 3 नेताओं का दिल्ली में इंटरव्यू

Congress National Secretary: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को राष्ट्रीय सचिव पद के इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया गया है। चयन पर सबकी नजर।
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Congress Leaders Interview

दिल्ली बुलाए गए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 चेहरे (Photo Source- Patrika)

Congress Leaders Interview: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन में इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी को लेकर हलचल तेज है। प्रदेश कांग्रेस के तीन प्रमुख नेताओं को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के लिए इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया गया है। इनमें कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा के नाम शामिल हैं। तीनों नेताओं का राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से इंटरव्यू लिया जा रहा है। इसके बाद अब कांग्रेस के भीतर चर्चा तेज हो गई है कि राष्ट्रीय संगठन में छत्तीसगढ़ से किस नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

हालांकि अभी किसी भी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। दिल्ली में चल रही प्रक्रिया को चयन प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। इंटरव्यू और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से किसे राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिलती है।

Congress National Secretary: राष्ट्रीय संगठन में छत्तीसगढ़ की दावेदारी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तीन नेताओं को राष्ट्रीय सचिव पद की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाना प्रदेश संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर ऐसे समय में जब कांग्रेस अपने राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करने और राज्यों के अनुभवी नेताओं को केंद्रीय जिम्मेदारियां देने की दिशा में काम कर रही है। कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा तीनों ही लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। तीनों नेताओं को संगठनात्मक कामकाज का अनुभव है और युवा कांग्रेस से लेकर प्रदेश स्तर तक अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

कोको पाढ़ी का लंबा संगठनात्मक अनुभव

कोको पाढ़ी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने संगठन के अलग-अलग स्तरों पर काम किया है। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारियां संभाली हैं। युवा कांग्रेस में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वे भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे AICC सदस्य हैं। संगठन के जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक काम करने का अनुभव उनके नाम को राष्ट्रीय सचिव पद की दौड़ में महत्वपूर्ण बनाता है।

नरेश ठाकुर भी मजबूत दावेदार

नरेश ठाकुर का नाम भी राष्ट्रीय सचिव पद के संभावित दावेदारों में सामने आया है। वे कांग्रेस संगठन में कई जिम्मेदारियों पर काम कर चुके हैं और जिला अध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। संगठन के जमीनी स्तर पर उनकी सक्रियता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच काम करने का अनुभव उनकी दावेदारी का अहम पक्ष माना जा रहा है। राष्ट्रीय सचिव पद के लिए दिल्ली बुलाकर इंटरव्यू किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर उनके नाम को लेकर भी चर्चा बढ़ गई है।

दीपक मिश्रा की युवा कांग्रेस से PCC तक सक्रिय भूमिका

दीपक मिश्रा भी संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि युवा कांग्रेस से जुड़ी रही है। वे छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव हैं। इसके अलावा PCC में कनेक्ट सेंटर की जिम्मेदारी भी उनके पास है। संगठन के साथ-साथ संचार और कनेक्टिविटी से जुड़े काम में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ से तीन नेताओं का दिल्ली बुलाया जाना प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंटरव्यू के बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण में किन नामों पर सहमति बनती है, इस पर अब प्रदेश संगठन की नजर है।

AICC Secretary: चयन हुआ तो राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ेगी भूमिका

अगर कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर या दीपक मिश्रा में से किसी एक नेता का चयन राष्ट्रीय सचिव के तौर पर होता है, तो इससे छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राष्ट्रीय संगठन में हिस्सेदारी बढ़ेगी। साथ ही प्रदेश के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का नया अवसर मिलेगा। तीनों नेताओं की पृष्ठभूमि में एक समान बात यह है कि उन्होंने युवा कांग्रेस और प्रदेश संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई है।

ऐसे में राष्ट्रीय संगठन की जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी के लिए उनके संगठनात्मक अनुभव का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है। फिलहाल दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया के अंतिम नतीजे का इंतजार है। इंटरव्यू के बाद कांग्रेस नेतृत्व किस नाम पर मुहर लगाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। तब तक प्रदेश कांग्रेस के भीतर इन तीनों नामों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।