रायपुर

प्रदेशभर में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों पर सख्ती, किसी को भेजा नोटिस तो कोई बर्खास्त, कल रायपुर में प्रदर्शन

आंदोलन में पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को जाने से रोकने के लिए सरकार सख्ती पर उतर आई है।

2 min read
Jun 24, 2018
प्रदेशभर में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों पर सख्ती, किसी को भेजा नोटिस तो कोई बर्खास्त, कल रायपुर में प्रदर्शन

रायपुर/बिलासपुर/दंतेवाड़ा/ जगदलपुर/भिलाई. आंदोलन में पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को जाने से रोकने के लिए सरकार सख्ती पर उतर आई है। दुर्ग और कांकेर पुलिस लाइन के मुख्यद्वार पर ताला लगा दिया गया है। दंतेवाड़़ा में चौकसी का आलम यह है कि पुलिस लाइन व सीएफ बटालियन के दरवाजों पर जवानों की तैनाती की गई है। बाहर निकलने वाली महिलाओं के नाम-पते और वे कहां-किस काम से जा रही हैं, उसका ब्योरा नोट किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अधीक्षकों ने पुलिस कर्मियों की रूटीन छुट्टियां रद्द कर दी हैं। दुर्ग एसएसपी संजीव शुक्ला ने बताया कि पुलिसकर्मियों के रूटीन अवकाश पर रोक लगा दी गई है। अब सिर्फ उन्हीं को छुट्टी मिलेगी, जिसे अवकाश अतिआवश्यक है। वहीं 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी का नोटिस थमाकर जवाब मांगा गया है। भिलाई में एक रिटायर आरक्षक हरगोविंद को आंदोलन को हवा देने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

बिलासपुर एसपी आरिफ एच. शेख ने शनिवार को 20 पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में आंदोलन का प्रचार करने में एक महिला एसआइ, हवलदार व आरक्षक समेत 20 कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इनसे 7 दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो बर्खास्तगी भी हो सकती है। दुर्ग एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने भी 12 आरक्षकों को नोटिस थमाया है। धमतरी में 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस दिया गया था, माफी मांगने पर उन्हें छोड़ा गया है।

बिलासपुर में पुलिस कर्मियों के परिजनों ने चुपचाप कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंप दिया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस कलक्ट्रेट पहुंची, तब तक आंदोलनकारी जा चुके थे।

रायपुर एसएसपी अमरेश मिश्रा ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों के नाम एक पत्र लिखकर हड़ताल नहीं करने की अपील की है।

जगदलपुर में एक पुलिस आरक्षक की पत्नी प्रेमकला ने पुलिसलाइन में ही फंदे से लटककर जान देने की कोशिश की है। उसकी देवरानी ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है, आड़ावाल गांव में रह रहे प्रेमकला के पति विनोद यादव परपा थाने में पदस्थ थे। उनके भाई पुरानी पुलिस लाइन में रह रहे वीरेंद्र यादव भी चित्रकोट में अपनी सेवा दे रहे थे। आंदोलन में संलिप्तता की सूचना पर विनोद का ककनार और वीरेंद्र का मारडूम के मालेवाही में तबादला कर दिया गया। अगले दिन पुलिस ने उनको मकान खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। परेशान प्रेमकला पुलिस लाइन में रह रही अपनी देवरानी के यहां पहुंची। दोनों महिलाएं एसपी से मामले की गुहार लगाने कार्यालय पहुंची पर राहत नहीं मिली। दोनों महिलाओं का कहना था, वे आंदोलन में शामिल नहीं हुई हैं।

- दंतेवाड़ा : 12 को नोटिस

Published on:
24 Jun 2018 09:05 am