CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है। रायपुर समेत कई जिलों में ओलावृष्टि, तेज हवाओं और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित भी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के मुताबिक, बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। गुरुवार के लिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी है।
प्रदेश में बुधवार को सर्वाधिक तापमान दुर्ग में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी यहीं 19.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 2.2 डिग्री कम है। अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। बिलासपुर में 33.3°C, जगदलपुर में 30.7°C (सामान्य से 5 डिग्री कम) और अंबिकापुर में 31.7°C तापमान दर्ज हुआ। माना एयरपोर्ट क्षेत्र में अधिकतम तापमान 33.5°C रहा।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहीं। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसमें देवभोग में 5 सेमी, करपावंद में 4 सेमी और देवकर में 2 सेमी वर्षा हुई। वहीं बिलासपुर में 8.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और बादलों के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मध्य भारत के ऊपर सक्रिय दो प्रमुख मौसमी सिस्टम इस बदलाव के लिए जिम्मेदार हैं। मध्य प्रदेश के मध्य भाग में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक द्रोणिका फैली हुई है। ये दोनों सिस्टम वातावरण में नमी बढ़ा रहे हैं, जिससे बादल बनने और बारिश-ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।
19 मार्च के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, ओलावृष्टि और अंधड़ की आशंका जताई है। रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और कहीं-कहीं हल्की बारिश या छींटे पड़ सकते हैं। अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 24°C के आसपास रहने की संभावना है। अच्छी बात यह है कि अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बनी रह सकती है। इससे मार्च की शुरुआत में महसूस हो रही तेज गर्मी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में मार्च महीने के दौरान मौसम में अचानक बदलाव का ट्रेंड बढ़ा है। प्री-मानसून गतिविधियों के चलते इस समय अक्सर गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि देखने को मिलती है। जहां यह बदलाव गर्मी से राहत देता है। वहीं किसानों के लिए चिंता का कारण भी बन सकता है, खासकर फसलों के कटाई के समय। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के चलते ऐसे असामान्य मौसम घटनाएं अब अधिक बार देखने को मिल रही हैं, जिससे मौसम का पैटर्न पहले की तुलना में अधिक अनिश्चित हो गया है।