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CG RTE Admissions 2026: निजी स्कूलों का बड़ा यू-टर्न, 18 मई से फिर शुरू होंगे एडमिशन, जारी रहेगा असहयोग आंदोलन

RTE Admissions 2026: अब प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में 18 मई से RTE एडमिशन प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। इससे उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने बच्चों के दाखिले को लेकर असमंजस में थे।

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CG RTE Admissions 2026

अब फिर होंगे RTE प्रवेश (फाइल फोटो पत्रिका)

CG RTE Admissions 2026: छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश को लेकर अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने पहले के फैसले को बदलते हुए इस वर्ष RTE के तहत प्रवेश नहीं देने का निर्णय वापस ले लिया है। अब प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में 18 मई से RTE एडमिशन प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।

CG RTE Admissions 2026: 18 मई से फिर शुरू होंगे RTE एडमिशन

एसोसिएशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राज्य के सभी निजी स्कूलों में 18 मई से RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी जाएगी। इससे उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने बच्चों के दाखिले को लेकर असमंजस में थे। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रीइंबर्समेंट राशि बढ़ाने और एंट्री क्लास में बदलाव के विरोध में चल रहा असहयोग आंदोलन अभी जारी रहेगा।

आंदोलन जारी, लेकिन एडमिशन पर फैसला वापस

निजी स्कूल संचालकों ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद 4 अप्रैल को प्रेस क्लब में हुई बैठक में इस साल RTE प्रवेश न देने का निर्णय लिया गया था। संगठन का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से यह भी मांग की है कि शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले वास्तविक खर्च को सार्वजनिक किया जाए।

कई जिलों में आधी से ज्यादा सीटें खाली

संगठन के अनुसार, हाल ही में जारी शिक्षा विभाग के आंकड़ों में राज्य के 33 में से 29 जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक RTE सीटें खाली पाई गई हैं। इसे संगठन ने अपने आंदोलन की सफलता के रूप में बताया है।

एंट्री क्लास बदलने का भी विरोध

इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने कई निजी स्कूलों में RTE के तहत एंट्री क्लास बदलकर पहली कक्षा कर दी है, जिसका भी विरोध किया जा रहा है। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ेगा। संगठन ने बताया कि इस मुद्दे पर दायर याचिका (क्रमांक 414/2026) फिलहाल बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबित है।

एसोसिएशन का दावा है कि पहले हर साल लगभग 65 हजार छात्रों को RTE के तहत प्रवेश मिलता था, जबकि इस बार रिक्त सीटों की संख्या करीब 22 हजार ही रह गई है।

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