National Protein Day: मांसपेशियों, इम्यूनिटी और समग्र स्वास्थ्य के लिए हर उम्र में संतुलित मात्रा में प्रोटीन जरूरी है, साथ ही इससे जुड़े आम मिथकों की सच्चाई भी समझें।
National Protein Day: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में स्वास्थ्य सबसे बड़ा सवाल बन चुका है, और इसी सवाल के केंद्र में खड़ा है प्रोटीन। पोषण के इस बुनियादी स्तंभ को अक्सर लोग केवल बॉडीबिल्डिंग या जिम तक सीमित समझ लेते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि प्रोटीन हर उम्र और हर जीवनशैली के लिए उतना ही आवश्यक है। माँसपेशियों की मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता, हार्मोन संतुलन और शरीर की मरम्मत इन सभी में प्रोटीन की निर्णायक भूमिका होती है।
डॉ. श्याम रामकृष्णन, निदेशक, अनुसंधान एवं विकास, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया बाज़ार, एमवे का कहना है कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपनी रोज़ाना की प्रोटीन आवश्यकता पूरी नहीं कर पाते। व्यस्त जीवनशैली, सीमित भोजन विकल्प, शाकाहारी या वीगन आहार और पोषण संबंधी अधूरी जानकारी इसके प्रमुख कारण हैं। इसी अधूरी जानकारी के कारण प्रोटीन को लेकर कई मिथक भी समाज में गहराई से जड़ जमा चुके हैं।
सबसे आम भ्रांति यह है कि अधिक प्रोटीन लेने से अपने आप माँसपेशियाँ बढ़ जाएँगी। वास्तविकता यह है कि प्रोटीन अकेले चमत्कार नहीं करता। माँसपेशियों की वृद्धि के लिए नियमित व्यायाम, विशेषकर रेसिस्टेंस ट्रेनिंग, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार उतने ही ज़रूरी हैं। इसी तरह यह धारणा भी ग़लत है कि प्रोटीन सप्लीमेंट केवल खिलाड़ियों या बॉडीबिल्डर्स के लिए होते हैं। बुज़ुर्गों, शाकाहारियों, वीगन लोगों और उन व्यक्तियों के लिए, जिनकी भोजन से प्रोटीन पूर्ति नहीं हो पाती, सप्लीमेंट एक उपयोगी सहारा बन सकते हैं।
किडनी को नुकसान पहुँचने का डर भी प्रोटीन से जुड़ा एक बड़ा भ्रम है। स्वस्थ व्यक्ति सीमित और संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी को नुकसान नहीं पहुँचाते। हाँ, पहले से किडनी रोग से पीड़ित लोगों को चिकित्सकीय सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इसी तरह वजन बढ़ने की आशंका भी अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर बताई जाती है, जबकि प्रोटीन वास्तव में पेट भरा होने का एहसास देता है और वजन प्रबंधन में सहायक हो सकता है।
यह भी समझना ज़रूरी है कि प्रोटीन सप्लीमेंट कभी भी पूरे भोजन का विकल्प नहीं हो सकते। संपूर्ण आहार से मिलने वाले विटामिन, खनिज और फाइबर की अपनी अलग भूमिका है। सप्लीमेंट का उद्देश्य केवल पोषण की कमी को पूरा करना है।
आज बाज़ार में उपलब्ध विकल्पों में न्यूट्रिलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन जैसे उत्पाद उन लोगों के लिए उपयोगी हैं, जो स्वच्छ, पौध-आधारित और उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन चाहते हैं। सोया, मटर और गेहूँ प्रोटीन के संतुलित मिश्रण से बना यह सप्लीमेंट डेयरी और लैक्टोज से मुक्त है तथा पाचन में भी सहायक माना जाता है।