
New PUC Rules 2026: राज्य के सड़कों पर दौड़ रहे 25 लाख से ज्यादा बीएस 6 वाहनों को बार-बार पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) नहीं कराना पडे़गा। उक्त वाहन मालिकों को राहत देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने मसौदा जारी किया है। इसमें गैर परिवहन वाली नई वाहनों को एक बार पीयूसी कराने पर 3 साल और परिवहन वाले वाहनों को 2 साल के लिए प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। वहीं पुराने वाहनों के लिए भी वैधता का नया नियम तय किया गया है। हालांकि इसका ड्राफ्ट बनाया गया है।
साथ ही नागरिकों से सुझाव और दावा-आपत्तियां मांगी गई है। इसके आधार पर नियमों में संशोधन कर अंतिम अधिसूचना जारी नए नियम को लागू किया जाएगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में बीएस 4 वाहनों की बिक्री और पंजीकरण 31 मार्च 2020 को प्रतिबंध लगाया गया था। वहीं अधिकारिक रूप से 1 अप्रैल 2020 से बीएस 6 वाहनों की बिक्री शुरू की गई थी।
नए बीएस-6 वाहन मालिकों को एक बार पीयूसी कराने पर 3 साल तक चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे समय और खर्च की बचत होगी। पीयूसी व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और वाहन की उम्र के अनुरूप होगी। साथ ही पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी पहले जैसी सख्त रहेगी।
मोबाइल रिचार्ज कराने की तर्ज पर पीयूसी का नया नियम लागू करने की तैयारी चल रही है। जिससे पीयूसी समाप्त होने के 10 दिन पहले नवीनीकरण कराने पर नई वैधता पुरानी तारीख समाप्त होने के बाद ही लागू होगी। वहीं वैधता समाप्त होने के बाद नवीनीकरण कराने पर उसी दिन से लागू होगी।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना वैध पीयूसी के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर पर 10000 रुपए तक चालान या 6 महीने तक की जेल हो सकती है। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए रद्द किया जा सकता है। दोबारा गलती करने पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द या जेल की सजा भी हो सकती है।