Jaggi Murder Case: जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने रामचरित मानस की चौपाई पढ़ते हुए इसे कर्मों का फल बताया। फैसले के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
Jaggi Murder Case: एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। अदालत ने इस मामले में अमित जोगी को दोषी मानते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय के बाद सियासी गलियारों में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने इसे कर्मों का परिणाम बताते हुए धार्मिक संदर्भ दिया। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की रचना रामचरितमानस के अयोध्याकांड की प्रसिद्ध चौपाई “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करहि सो तस फल चाखा” का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है।
उनका कहना था कि अदालत ने निश्चित रूप से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह निर्णय लिया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमित जोगी खुद को निर्दोष मानते हैं, तो उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में अपील करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मामले के पक्षकारों को न्याय के लिए लगातार प्रयास करने पर बधाई भी दी।
इसी दौरान कांग्रेस द्वारा मंत्रालय के एक अधिकारी पर निजी अस्पतालों से अवैध वसूली के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर पुरंदर मिश्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि संबंधित अधिकारी किस कार्यकाल में सक्रिय था। उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गतिविधि कब से चल रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
वहीं प्रदेश में पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पिछली बार सरकार ने रजत जयंती के अवसर पर वैट में छूट दी थी, जिसकी समयसीमा समाप्त होने के कारण पेट्रोल की कीमतों में लगभग एक रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर आम जनता को राहत देने की मांग करेंगे।
कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद जहां एक ओर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है, जिसमें अलग-अलग दलों के नेता अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।