
Railway Station Water Leakage: राजधानी रायपुर में बुधवार दोपहर महज एक घंटे की बारिश ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की मेंटेनेंस व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। स्टेशन के सबसे व्यस्त प्लेटफार्म नंबर-1 के मुख्य शेड से बारिश का पानी इस कदर रिसने लगा, मानो छत से कोई झरना फूट पड़ा हो। बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे खड़े सैकड़ों यात्रियों को खुद को और अपने सामान को बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। इस अफरा-तफरी में कई यात्रियों का कीमती सामान और खाने-पीने की चीजें भीग गईं।
शेड से पानी टपकने की यह बदहाली कोई नई बात नहीं है। पहले भी तेज बारिश के दौरान प्लेटफार्म-1 के शेड से झरने की तरह पानी गिरने की घटना सामने आ चुकी है। उस समय इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसके बावजूद शेड से पानी रिसने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
बारिश के दौरान शेड से लगातार पानी गिरने के कारण यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने के लिए सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ती है। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों को बारिश से बचने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। इससे खासकर सामान लेकर सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि पखवाड़े भर पहले स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर हेडक्वार्टर बिलासपुर की टीम जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान स्टेशन पर कई तरह की कमियां सामने आई थीं। दीवारों में सीपेज, बंद पंखे और अन्य खामियों को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई थी, ताकि जरूरी मरम्मत और सुधार कार्य कराया जा सके।
हालांकि, जांच के करीब 15 दिन बाद हुई बारिश में प्लेटफार्म-1 के शेड की स्थिति फिर सामने आ गई। इससे सवाल उठ रहा है कि निरीक्षण के बाद सामने आई कमियों को दूर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कितनी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बारिश और धूप से बचाने के लिए शेड लगाए गए हैं। लेकिन बारिश के दौरान यदि इन्हीं शेड से पानी झरने की तरह गिरने लगे तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। बुधवार को भी प्लेटफार्म-1 पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। शेड से गिरते पानी से बचने के लिए यात्री अपना सामान लेकर इधर-उधर जाते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस तरह की समस्या बार-बार सामने आने के बजाय रेलवे को शेड में पानी रिसने की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।