
Chhattisgarh Weather News: छत्तीसगढ़ में पिछले एक 10 दिनों से बारिश नहीं हो रही है। जिसके चलते तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोग उमस व गर्मी से बेचैन हो गए हैं। इधर मौसम विभाग पिछले दो दिनों से अच्छी बारिश होने का रट लगा रहा है जबकि पिछले 48 घंटे में कहीं भी पानी नहीं गिरा है। वहीं जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार उत्तर पूर्व छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश के संकेत दिए हैं।
बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके असर से 15 जुलाई को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि पिछले 48 घंटे में कहीं भी पानी नहीं गिरा है। इसके कारण दिन का अधिकतम तापमान बढ़ गया है। इससे लोग उमस व गर्मी से बेचैन से परेशान हो रहे हैं। प्रदेश में अब तक 252.8 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 29 फीसदी कम है। अब तक 355.8 मिमी वर्षा हो जानी थी। रायपुर जिले में 299.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य है।
राजधानी में पिछले एक सप्ताह से पानी नहीं गिरा है। (Chhattisgarh weather Update) जबकि प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी यही स्थिति है। पानी नहीं गिरने के कारण ज्यादातर इलाकों में पारा चढ़ गया है और सामान्य से साढ़े 4 डिग्री से अधिक हो गया है। रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। गौर करने वाली बात ये है कि दिन व रात के तापमान में महज 7 डिग्री का अंतर है। बारिश के सीजन में सामान्यत: 35 डिग्री के आसपास तापमान नहीं रहता। खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने के कारण प्रदेशभर में बारिश थम गई है। इससे धूप तीखी हो गई है।
मानसून आने के 23 दिनों के बाद प्रदेश के 14 जिलों में ही सामान्य बारिश हुई है। बाकी 19 जिलों में कम पानी गिरा है। 4-5 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद ये स्थिति बनी है, लेकिन सप्ताहभर से पानी नहीं गिरने से पानी का औसत कम हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अच्छी बारिश होने पर जुलाई-अगस्त में मानसूनी बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा। बारिश के बाद किसान बुआई व रोपाई पद्धति से धान की खेती कर रहे हैं। बारिश थमने के बाद किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है।
मानसून की सुस्त चाल के चलते प्रदेश में सूखे का संकट मंडरा रहा है। मानसून पर टिका खेती किसानी का काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। पर्याप्ता पानी नहीं मिलने से फसलों के चौपट होने का खतरा बढ़ गया है। बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों के किसान परेशान है। ऐसे में अब अब अगर और देर होती है तो किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।