
AIIMS Security Guard: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पास तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर AIIMS में तैनात एक निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड पर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय आरोपी नशे में था और बच्ची के परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अमित जोगी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची की मां AIIMS रायपुर में हाउसकीपिंग का काम करती हैं। आरोप है कि बीती रात करीब 11 बजे बच्ची के साथ यह घटना हुई। कथित तौर पर आरोपी AIIMS में तैनात एक निजी सुरक्षा एजेंसी का गार्ड है। घटना उस जगह हुई, जहां पीड़ित परिवार किराए के मकान में रहता है। यह स्थान AIIMS से कुछ सौ मीटर की दूरी पर बताया गया है। अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि बच्ची की हालत गंभीर है और उसे AIIMS के पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया है। बच्ची के माता-पिता अस्पताल में उसके साथ हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण है।
अमित जोगी ने पोस्ट में आरोप लगाया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने AIIMS के डायरेक्टर से मुलाकात की और पुलिस कमिश्नर से भी बात की। इसके बाद वे स्थानीय थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि वहां उन्हें बताया गया कि बच्ची के माता-पिता थाने आएंगे, तभी FIR दर्ज की जाएगी। अमित जोगी ने इस कथित जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसके माता-पिता उसके पास हैं, तो पुलिस को खुद आगे बढ़कर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मामले में जीरो FIR और पॉक्सो कानून के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस की ओर से FIR दर्ज होने या नहीं होने की स्थिति और पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक पक्ष की पुष्टि आवश्यक है।
अमित जोगी ने अपने पोस्ट में AIIMS की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि अस्पताल में दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों के परिवारों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की निगरानी और जांच में लापरवाही होती है, तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने बच्ची को न्याय दिलाने की मांग की।