
CM विष्णुदेव साय (photo-patrika group)
रायपुर@राहुल जैन। VB-G RAM G Scheme: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार की नई व्यवस्था वीबी-जी राम जी की निगरानी अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाईपॉवर राज्य परिषद करेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। परिषद न केवल योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेगी, बल्कि राज्य में इसके लिए अलग मूल्यांकन और निगरानी प्रणाली भी विकसित करेगी।
इस परिषद में मुख्यमंत्री अध्यक्ष और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसमें अन्य विभागों के मंत्रियों को सदस्य बनाया गया है। साथ ही राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव और वीबी-जी राम जी के आयुक्त भी परिषद में शामिल रहेंगे।
राज्य परिषद समय-समय पर निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करेगी और उसमें सुधार के लिए सरकार को सिफारिशें देगी। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के साथ केंद्रीय परिषद से समन्वय की जिम्मेदारी भी परिषद की होगी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में पेश किए जाने वाले वार्षिक प्रतिवेदन की तैयारी भी परिषद करेगी।
नई व्यवस्था में सिर्फ योजना के कामों की निगरानी ही नहीं, बल्कि उसके प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाएगा। परिषद को विभिन्न योजनाओं का मूल्यांकन करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित आंकड़े एकत्र करने या करवाने का अधिकार होगा। इससे योजना के वास्तविक असर को आंकड़ों के आधार पर परखने की व्यवस्था विकसित होगी।
राज्य परिषद की बैठक साल में कम से कम एक बार होगी। जरूरत के अनुसार इससे अधिक बैठकें भी बुलाई जा सकेंगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे और उनकी अनुपस्थिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अध्यक्षता करेंगे। बैठक के लिए कुल सदस्यों के कम से कम एक-तिहाई की उपस्थिति जरूरी होगी। परिषद में पंचायत राज संस्थाओं, श्रमिक संगठनों और समाज के कमजोर वर्गों से अधिकतम 15 गैर-सरकारी सदस्य नामित किए जा सकेंगे। इनमें कम से कम एक-तिहाई महिलाएं होंगी। वहीं कम से कम एक-तिहाई सदस्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों से होंगे।
Updated on:
09 Oct 2026 08:50 am
Published on:
09 Oct 2026 08:50 am
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