
हिमांशु शर्मा/Highway Accident: आए दिन रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाएं होती हैं। इसकी मुख्य वजह हाईवे की बंद स्ट्रीट लाइटें हैं। इसके कारण राहगीरों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी की पड़ताल करने के लिए पत्रिका के टीम ने रायपुर से लेकर सिमगा तक करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय कर समस्या को जाना। रात के करीब 9.45 बजे पत्रिका के रिपोर्टर ने बाइक से टाटीबंध से बिलासपुर नेशनल हाईवे पकड़ा। जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए अंधेरा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था।
करीब डेढ़ घंटे का सफर तय कर पत्रिका की टीम सिमगा पहुंची। इस दौरान रास्ते में सिलतरा, धरसीवां, चरौदा, तरपोंगी, सोमनाथ व सिमगा तक प्रमुख जगहों के पास बने ओवरब्रिज पर लाइट के खंभे तो लगे हैं, लेकिन इसमें बल्ब नहीं जल रहा था। कई जगहों पर तो खंभे भी नही हैं। इस पड़ताल के दौरान सिर्फ दो ब्रिज पर राहत की लाइट दूर से तो नजर आई। पर पास आते ही इनकी भी आधी लाइटें बंद मिलीं। इससे अब विभाग की कार्यप्रणाली और निरीक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पत्रिका ने जब फोन के माध्यम से एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और मैसेज का भी जवाब नहीं दिया।
लोगों से तमाम तरीके के रोड टैक्स और गाड़ी टैक्स के नाम पर वसूली कर रहे हैं। करोडो़ं रुपए की सड़क भी बना दी है, लेकिन सुविधा के नाम पर एनएचएआई ने झुनझुना पकड़ा दिया है। क्योंकि यह एक दिन की बात नहीं, हर दिन इस दुविधा का सामना राहगीरों को करना पड़ रहा है। दिखावे के लिए इस हाईवे में शो पीस खंभे भी लगे हैं। लेकिन इसमें रोशनी के लिए राहगीर तरस रहे हैं, उसके बावजूद एनएचएआई के जिम्मेदार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।
इस नेशनल हाईवे से हर दिन लाखों गाडि़यां गुजरती हैं। इसमें बडे ट्रक और हाईवा का भी काफी दबाव है, जिसके कारण छोटी गाड़ी और बाइक चालक को संभलकर गाडी चलाना पड़ रहा है। लेकिन लाइट नहीं जलने की वजह से लोगों की मुसीबत और बढ़ गई है। आएदिन इस रोड पर एक्सीडेंट हो रहे हैं। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी अपने एसी कमरों में बैठे हैं।
हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट बंद होने की वजह से सामने से आ रही बड़ी गाडि़यों की लाइटें ज्यादा चमकती हैं। क्योंकि सड़क में तो अंधेरा छाया रहता है, इसके कारण बड़ी गाडियों की लाइट सीधे आंखों में पड़ती है। जिससे बाइक सवार की आंखों से सामने अंधेरा छा जाता है, इससे दुर्घटना की वजह बढ़ रही है।
रायपुर से सिमगा तक हाईवे में बीच-बीच में दर्जन गांव पड़ते हैं। पड़ताल के दौरान देखा कि मुश्किल से सांकरा व इसके आस-पास के ही गांव के पास सर्विस रोड की लाइट जल रही थी। बाकी सिलतरा, धरसींवा से लेकर सिमगा तक सर्विस रोड की भी लाइट बंद नजर आई।