Raipur News: बुजुर्ग को वहां से निकालकर हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि ग्रिल में गर्दन फंसने से बुजुर्ग की मौत चुकी थी।
Raipur News: राजेंद्र नगर इलाके में एक अनहोनी हो गई। पैदल जा रहे बुजुर्ग अचानक नीचे झुके। इससे उनकी गर्दन लोहे की ग्रिल में फंस गई। इससे वे बेहोश हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल भेजा, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक परशुराम नगर पुरैना निवासी 80 वर्षीय जगदीश प्रसाद अक्सर मॉर्निंग वॉक के लिए पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे आते हैं। सोमवार को दोपहर करीब 1.30 बजे बुजुर्ग की गर्दन लोहे की ग्रिल में फंसी मिली। उन पर आसपास के लोगों की नजर पड़ी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। उनके परिजन भी मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग को वहां से निकालकर हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि ग्रिल में गर्दन फंसने से बुजुर्ग की मौत चुकी थी।
बुजुर्ग की गर्दन ग्रिल में कैसे फंसी? इसको लेकर कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक रोज वहां मार्निंग वॉक पर आते थे। मामला खुदकुशी का है या हादसा? यह पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल सकेगा। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी अजहरूद्दीन ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
शहर में ऐसे कई डिवाइडर हैं, जिसमें खतरनाक ग्रिल लगी है। इससे लोगों की जान जा सकती है। तेलीबांधा चौराहे पर गार्डन के चारों ओर लगी ग्रिल काफी नुकीली हैं। कुछ साल पहले एक दोपहिया सवार की इसी ग्रिल में गिरने से मौत हो गई थी। नुकीले सिरे उसकी गर्दन में धंस गए थे। इस तरह के कई डिवाइडर भी हैं, जिनके कोर भी खतरनाक और नुकसानदायक हैं।
बेटी की शादी के दिन पिता की मौत
रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र की है। यहाँ रविवार को एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। सेवानिवृत्त परिवहन अधिकारी अब्दुल गनी खान के घर उनकी इकलौती बेटी के निकाह की तैयारियां चल रही थीं। सुबह से ही घर में मेहमानों का आना-जाना और रस्मों की तैयारियां जारी थीं, लेकिन दोपहर से पहले ही एक दुखद घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे जब 74 वर्षीय अब्दुल गनी खान अपने निवास से बाहर निकल रहे थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। पढ़े पूरी खबर