पहले नॉन घोटाले फिर पनामा पेपर्स में मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह का नाम आने और अब मंत्रियों के घोटाले से देशभर में भाजपा की किरकिरी हो रही है। मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने, मंत्री राजेश मूणत के परिवहन विभाग द्वारा संचालित टोल नाकों में सालाना सौ करोड़ रुपए की अवैध वसूली, मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की जगह साली को परीक्षा देते हुए रंगे पकडऩे और अब मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर सरकारी जमीन कब्जा करने के मामले ने भाजपा के चेहरे को उजागर कर दिया है। ये बातें रायपुर आए
(आप) के केन्द्रीय पर्यवेक्षक विजय चौहान ने प्रेस कांफ्रेंस में कही।
उन्होंने कहा कि आप की समीक्षा बैठकों का दौर पूरे प्रदेश में चल रहा है। पार्टी की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि बैठकों में प्रदेश की सभी 90 विधानसभा के पदाधिकारियों शामिल हुए। 90 विधानसभा में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, 25 सेक्टर पर्यवेक्षकों, 50 सर्किल प्रभारी नियुक्ति की गई है।
उन्होंने कहा कि जनवरी में कांकेर में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के आप में शामिल होने से यह संकेत है कि इसकी जमीनी ताकत अन्य राजनीतिक दलों अधिक है। दिल्ली सरकार के मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी गोपाल राय के निर्देश पर 90 विधानसभा में बुथ यात्राएं हुईं। इन यात्राओं में आप कार्यकर्ताआअें ने नागरिकों की समस्या को जाना। इसके आधार पर जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस दौरान बूथ प्रभारी और सहप्रभारी की भी नियुक्तियां की गईं।