रायपुर

रेलवे यात्रियों के लिए बड़ा खतरा! रायपुर स्टेशन के पानी में ज्यादा क्लोरीन-बैक्टीरिया, 20 हजार जगह लगेंगे फिल्टर

CAG Report Railway Water: रायपुर स्टेशन के पानी में ज्यादा क्लोरीन और बैक्टीरिया मिलने का मामला सामने आया है। CAG रिपोर्ट में दपूमरे जोन की पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठे।
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Aug 20, 2026
Chhattisgarh News
रायपुर स्टेशन का पानी कितना साफ? (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Raipur Railway Station Water: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में यात्रियों को मिलने वाला पानी सबसे ज्यादा दूषित है। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दपूमरे के स्टेशनों पर सप्लाई होने वाले पानी में बैक्टीरिया और क्लोरीन की मात्रा तय मानक से कई गुना अधिक पाई गई। इससे डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

बोर्ड स्तर पर कराए गए इस सर्वे में 16 जोन के करीब 512 रेलवे स्टेशनों के पानी के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट के मुताबिक गुणवत्ता के मामले में दपूमरे जोन सबसे निचले पायदान पर है। वहीं, रायपुर स्टेशन की बात करें तो हाल ही में यहां के पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। रेलवे अधिकारी का कहना है कि इसमें कुछ सुधार किया गया है। साथ ही खारुन से आने वाले पानी को जिस टंकी में रखा जाता है, उसकी सफाई भी 6 माह में एक बार की जाती है।

93.35 स्कोर के साथ सबसे नीचे

कैग ने पेयजल व्यवस्था में कमियों के आधार पर हर रेलवे जोन का डिफिशिएंसी स्कोर तैयार किया है। इसमें स्कोर जितना कम होता है, व्यवस्था को उतना ही बेहतर माना जाता है। इसमें बिलासपुर जोन का कमी स्कोर 93.35 रहा, जो सभी जोन में सबसे अधिक है।

डब्लूआरएस में पानी की होती है सफाई

रेलवे अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार खारुन नदी के पानी को 300 एमएम की दो पाइप लाइन से पानी को डब्लूआरएस में बनी टंकी में स्टोर किया जाता है। फिर इसे फिल्टर प्लांट में क्लोरीन समेत अन्य दवाई डालकर साफ किया जाता है। फिर यहां से स्टेशनों में पानी की सप्लाई होती है। साथ ही इसकी देख रेख के लिए तीन सिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

रायपुर का पानी जांच होने गुरुवार को जाएगा बिलासपुर

रेलवे ने आईडब्लू की टीम माह में एक बार स्टेशन में लगे वाटर कूलर के पानी को चेक करते है। साथ ही सप्ताह में एक बार इसका सैंपल लेकर बिलासपुर लैब में टेस्ट के लिए भेजा जाता है। वर्तमान में रायपुर स्टेशन समेत अन्य स्टेशन के सैंपल लिए गए है, इसे जांच करने के लिए गुरुवार को ट्रेन से बिलासपुर लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।

पत्रिका ने पहले भी उठाया था मुद्दा

रेलवे की इस लापरवाही को पत्रिका कुछ माह पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। तब रायपुर स्टेशन पर पत्रिका टीम के सवाल पर रेलवे के जीएम भी गंदे पानी के मुद्दे पर असहज हो गए थे। कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। यात्रियों ने भी कई बार शिकायत की थीं कि स्टेशन पर पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा। इसके बाद इस मामले पर कार्रवाई करते हुए रेलवे अधिकारियों ने सुधार कार्य शुरू कराया।

20,000 स्थानों पर टैंक-टू-टैप जल फिल्टरेशन लगाएंगे

सीपीआरओ ने बताया कि हाल में पेयजल व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है। रेल मंत्री समेत रेलवे अधिकारियों ने उपाए बताते हुए निर्देश दिया कि वाटर कूलरों सहित लगभग 20,000 स्थानों पर टैंक-टू-टैप जल फिल्टरेशन एवं निगरानी प्रणाली स्थापित किया जाएगा।

शेख समी उर रहमान, सीपीआरपो, बिलासपुर जोन के अनुसार, रेलवे बोर्ड से टैंक-टू-टैप जल फिल्टरेशन एवं निगरानी प्रणाली स्थापित करने निर्देश मिले है। इसपर काम किया जा रहा है। लगातार पानी की गुणवत्ता जांच व निगरानी की जा रही है।

Updated on:
20 Aug 2026 05:35 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:35 pm