
Raipur Heavy Rain: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। ए-1 श्रेणी के रायपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 की छत से झरने की तरह पानी गिरने लगा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे खड़े लोग भी भीग गए और प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं, गुढ़ियारी अंडरब्रिज में जलभराव से यातायात भी प्रभावित रहा। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
शनिवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुई तेज बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 की छत से कई जगहों पर लगातार पानी टपकने लगा। देखते ही देखते पानी तेज धार के रूप में नीचे गिरने लगा। ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थान की तलाश में इधर-उधर भागना पड़ा। कई यात्री बारिश से बचने के लिए प्लेटफॉर्म के दूसरे हिस्सों में चले गए, जबकि कुछ लोग पूरी तरह भीग गए।
बारिश के कारण प्लेटफॉर्म पर कई स्थानों पर पानी जमा हो गया। फर्श फिसलन भरा होने से यात्रियों को चलने-फिरने में भी दिक्कत हुई। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि ए-1 श्रेणी के स्टेशन पर इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
स्टेशन पर मौजूद कई यात्रियों ने छत से झरने की तरह गिरते पानी और प्लेटफॉर्म की अव्यवस्था का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शेड से लगातार पानी गिर रहा है और यात्री खुद को तथा अपने सामान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
तेज बारिश का असर रेलवे स्टेशन से जुड़े गुढ़ियारी अंडरब्रिज में भी देखने को मिला। अंडरब्रिज में पानी भर जाने से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम से देर रात तक यहां यातायात प्रभावित रहा और कई लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
पहली ही तेज बारिश में रायपुर रेलवे स्टेशन की यह स्थिति सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन की मानसून तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों ने स्टेशन परिसर की जल निकासी व्यवस्था और शेड की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।