रायपुर

रायपुर में बारिश की ‘परीक्षा’ में फेल सड़कें! गड्ढे, जलभराव और फिसलन से खतरा, जानें आज कैसा रहेगा मौसम

Raipur Rain Alert: रायपुर में लगातार बारिश से कई सड़कों पर जलभराव और गड्ढों की समस्या बढ़ गई है। प्रोफेसर कॉलोनी समेत कई इलाकों में सड़कें बदहाल होने से वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ा है।
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Sep 04, 2026
Raipur Rain Alert
Raipur Rain Alert: रायपुर में बारिश की ‘परीक्षा’ में फेल सड़कें! (photo-patrika)

Raipur Rain Alert: छत्तीसगढ़ के रायपुर में लगातार हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है। झमाझम बारिश के बीच प्रमुख और अंदरूनी सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। प्रोफेसर कॉलोनी सेक्टर-3 की सड़कें भी जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर डामर उखड़ने के साथ बजरी फैल गई है, जिससे वाहन फिसलने की आशंका बनी हुई है। जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों का अंतर समझना मुश्किल हो रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।

Monsoon in Raipur: बारिश के साथ सड़क पर बढ़े गड्ढे

लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से अधिक ट्रैफिक वाली सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है। पहले से मौजूद छोटे गड्ढे भी बारिश के कारण तेजी से चौड़े हो रहे हैं। सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर समय पर गड्ढों की मरम्मत नहीं होने के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है। बारिश के दौरान वाहन इन गड्ढों में हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं।

प्रोफेसर कॉलोनी की सड़कें जलमग्न

बुधवार रात और गुरुवार सुबह हुई लगातार बारिश के बाद प्रोफेसर कॉलोनी सेक्टर-3 की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क के दोनों हिस्सों में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई। कई स्थानों पर सड़क की सतह भी उखड़ गई है। डामर की जगह बजरी फैलने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने का खतरा बढ़ गया है।

पुरानी बस्ती रोड से संतोषीनगर तक गड्ढे

राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर बारिश के बाद गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। पुरानी बस्ती रोड पर बीच सड़क में मौजूद छोटे गड्ढे अब करीब डेढ़ से दो फीट तक गहरे हो गए हैं। वहीं, सिद्धार्थ चौक के पास करीब आधा फीट गहराई में लगभग 10 फीट सड़क का हिस्सा उखड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसके आगे संतोषीनगर ब्रिज के दोनों तरफ भी सड़क की स्थिति खराब है और कई जगह गड्ढे बन गए हैं।

चेंबर की पटरी भी बनी खतरा

सड़कों के बीच और किनारे बारिश के पानी की निकासी के लिए चेंबर बनाए गए हैं, जिन्हें लोहे की पटरी से ढका जाता है। लेकिन कई स्थानों पर इनकी स्थिति भी वाहन चालकों के लिए खतरा बनती जा रही है। गुरु घासीदास कॉम्प्लेक्स से अनुपम गार्डन तक सड़क के कई हिस्सों में सड़क उखड़ने की स्थिति सामने आई है। कहीं सड़क धंस गई है तो कहीं चेंबर के आसपास का हिस्सा असमतल हो गया है।

बारिश में डूबा नेशनल हाईवे

लगातार बारिश का असर राजधानी से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-53 पर भी देखने को मिला। चंदनीडीह के पास बारिश का पानी एनएच और सर्विस रोड पर भर गया। जलभराव के कारण दुर्ग की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। सड़क पर पानी भरने से यातायात की रफ्तार धीमी रही और कई जगह लंबा जाम भी लग गया।

वार्ड 55 में सीसी रोड निर्माण पर सवाल

जोन-10 के वार्ड 55 में साईं डायग्नोस्टिक से आगे करीब 300 मीटर सड़क को सीसी रोड में तब्दील किया जा रहा है। यहां सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पहले से गड्ढे में तब्दील सड़क को नाली की तरफ ऊंचा किया गया था। इसके बाद करीब एक फीट ऊंचाई के लिए मिक्स मटेरियल डालकर फैलाया गया। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

निगम ने निगरानी और कार्रवाई की बात कही

नगर निगम के कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर के अनुसार, फिलहाल सड़क पर बेसमेंट डाला गया है। ठेकेदार के काम की निगरानी कराई जा रही है। यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपर आयुक्त, लोककर्म विभाग विनोद पांडेय ने बताया कि कई वार्डों के अंदरूनी क्षेत्रों में सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। घटिया निर्माण पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गड्ढे भरने के निर्देश

नगर निगम की ओर से सभी जोन कमिश्नरों को सड़कों के गड्ढों को मिक्स मटेरियल से भरने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, लगातार बारिश के बीच यह काम कितना प्रभावी साबित होता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल राजधानी की सड़कों पर जलभराव, गड्ढे और उखड़ी सड़कें वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। बारिश जारी रहने पर इन स्थानों पर हादसे का खतरा और बढ़ सकता है।

Updated on:
04 Sept 2026 07:59 am
Published on:
04 Sept 2026 07:58 am