
UCC पर कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने जताई चिंता (Photo Source- Patrika File Photo)
Chhattisgarh Politics: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने UCC के मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश और प्रदेश के अलग-अलग समाजों की अपनी परंपराएं, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्थाएं हैं। किसी भी कानून को लागू करते समय इन प्रथाओं और सांस्कृतिक विविधता का ध्यान रखा जाना चाहिए। धनेंद्र साहू ने कहा कि UCC को लेकर सबसे बड़ी चिंता यही है कि अलग-अलग समाजों की परंपराओं के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और रीति-रिवाज अलग-अलग हैं, इसलिए कानून बनाते समय सभी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
धनेंद्र साहू ने लिव-इन रिलेशनशिप को भी समाज के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे संबंधों से पैदा होने वाली सामाजिक और कानूनी समस्याओं का समाधान भी स्पष्ट होना चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून लागू होने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को लेकर जिम्मेदारी और अधिकारों की स्थिति स्पष्ट रहे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट समय-समय पर इस तरह के मामलों में दिशा-निर्देश देते रहे हैं। ऐसे में न्यायपालिका के निर्देशों और सामाजिक परिस्थितियों के बीच सामंजस्य बनाकर सरकार को कोई फैसला लेना चाहिए।
धनेंद्र साहू ने रायपुर के मास्टर प्लान को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कई कारणों से इसे अब तक आगे नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार आखिर किन कारणों से मास्टर प्लान को लागू करने से बच रही है, यह स्पष्ट नहीं है। राजधानी में कैपिटल कॉम्प्लेक्स को लेकर भी चर्चा हुई थी, लेकिन यह मामला भी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। धनेंद्र साहू ने रायपुर से राजनांदगांव तक मेट्रो चलाने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना को लेकर भी अब कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि इन बड़े मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट सोच नजर नहीं आ रही है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धनेंद्र साहू ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। साहू ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं।
सरकार की ओर से 50 हजार शिक्षकों की भर्ती की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को गुमराह कर रही है। धनेंद्र साहू ने कहा कि सरकार न तो शिक्षकों की भर्ती कर रही है और न ही अब तक इसे पूरा कर पाई है।
कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भाजपा की ओर से की गई टिप्पणी पर भी धनेंद्र साहू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। संगठन सृजन अभियान के तहत कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का प्रयास किया जा रहा है। पहले जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया और अब ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण चल रहा है। साहू ने कहा कि कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों से भाजपा घबरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा तरह-तरह के बयान देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोगों को हतोत्साहित करने की कोशिश कर रही है।
छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण में बेहतर प्रदर्शन के सरकारी दावे पर धनेंद्र साहू ने सवाल खड़े किए। उन्होंने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को केवल आंकड़े जारी करने के बजाय यह भी बताना चाहिए कि जमीन पर वास्तव में कितना काम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए न तो पर्याप्त संख्या में बांध बनाए गए हैं और न ही नए जलाशयों के निर्माण की दिशा में ठोस काम हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जल संरक्षण की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
धनेंद्र साहू ने नदियों से होने वाले रेत उत्खनन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक नदी में रेत रहेगी, तब तक पानी के संरक्षण की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों के पालन पर भी सवाल उठाए। साहू ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार बताए कि प्रदेश में कहां-कहां जल संरक्षण के लिए ठोस काम किया गया है और उसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
भाजपा की ओर से लगाए गए पोस्टर और कांग्रेस को लेकर किए जा रहे आरोपों पर धनेंद्र साहू ने कहा कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा में घबराहट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ बिना आधार के आरोप लगा रही है। जातिगत राजनीति के आरोपों पर पलटवार करते हुए साहू ने कहा कि भाजपा और RSS को दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने भाजपा और RSS पर ही जातिवादी होने का आरोप लगाया। धनेंद्र साहू के इन बयानों के बाद UCC, शिक्षक भर्ती, मास्टर प्लान, जल संरक्षण और कांग्रेस-भाजपा की सियासी बयानबाजी को लेकर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज होने के संकेत हैं।
Updated on:
03 Sept 2026 03:58 pm
Published on:
03 Sept 2026 03:58 pm
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