रायपुर

कमजोर है PWD मंत्री ताम्रध्वज साहू का गणित, बनाना तो दूर सड़क की रिपयेरिंग के भी पैसे नहीं है भूपेश बघेल के पास- रमन सिंह

अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में 29 हजार किलोमीटर सड़कें थीं जो 15 वर्षों में 60 हजार किलोमीटर तक हो गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पहले 1800 किलोमीटर सड़कें थी जो 18 हजार किलोमीटर हो गई।
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Updated: 10 Nov 2019, 7:42 PM IST
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रायपुर. सड़कों के गड्ढ़ों को लेकर PWD मंत्री ताम्रध्वज साहू द्वारा दिए गए बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पलटवार करते हुए उन्होंने कहा है कि PWD मंत्री का गणित कमजोर है। उनको सड़क निर्माण के आकड़ों पर गौर करना चाहिए।उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सड़कें बिछाने का जो काम हुआ था वो अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है।

अगर वर्तमान सरकार उतना भी कर ले तो हम उनको शुभकामनाएं देंगे। अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में 29 हजार किलोमीटर सड़कें थीं जो 15 वर्षों में 60 हजार किलोमीटर तक हो गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पहले 1800 किलोमीटर सड़कें थी जो 18 हजार किलोमीटर हो गई।

अगर सभी सड़कों को मिला दें तो उन्हें केवल उन सड़कों के गड्ढे ही पाटने हैं, नई सड़क बनाना तो दूर ये तो वो भी नहीं कर पाएंगे। उनके पास रिपेयरिंग करने का भी फंड नहीं है। आपको बता दें कि मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सड़कों में गड्ढ़ों को लेकर कहा था कि 15 साल के गड्ढ़े हैं, जिन्हें भरने में समय लगेगा। रमन सिंह का किया हुआ गड्ढ़ा है। हमारा किया गड्ढ़ा नहीं है।

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