
ED Raid Dhamtari: करीब 3000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल एक बार फिर जांच एजेंसी के घेरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आठ सदस्यीय टीम ने गुरुवार को धमतरी स्थित उनके ठिकानों पर दबिश दी है। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जबकि ED की टीम अंदर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रामगोपाल अग्रवाल पहले से ही ED की हिरासत में हैं। जांच एजेंसी अब कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।
बता दें कि ED ने बीते मंगलवार को रायपुर केंद्रीय जेल से रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें रायपुर की धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद अब धमतरी स्थित उनके ठिकानों पर हुई यह कार्रवाई मामले में जांच के अगले चरण के तौर पर देखी जा रही है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन में भी रही है। ED इन मामलों में पैसों के कथित लेनदेन और उन्हें अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर किए जाने की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले की रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया।
धमतरी स्थित ठिकानों पर ED की टीम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को इन दस्तावेजों से कथित पैसों के लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा कि टीम को छापेमारी के दौरान क्या-क्या जानकारी या दस्तावेज मिले।
छत्तीसगढ़ के कथित 3000 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में ED ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन में भी उनकी भूमिका रही है। गिरफ्तारी के बाद रामगोपाल अग्रवाल को रायपुर की PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया। इसके बाद जांच एजेंसी कथित मनी ट्रेल, वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।