
छत्तीसगढ़ मंत्रालय ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh Food Safety Officer: पीलूराम साहू की रिपोर्ट. प्रदेश में आम जनता की सेहत से सीधा सरोकार रखने वाले खाद्य सुरक्षा विभाग में बड़ा खेल सामने आया है। राज्य सरकार ने भर्ती व पदोन्नति नियमों को ताक पर रखकर 13 ऐसे नमूना सहायकों को प्रमोट कर सीधे फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) बना दिया है, जिनके पास एफएसओ पद की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तक नहीं है। इनमें से अधिकांश केवल 12वीं पास हैं, जबकि नियम अनुसार एफएसओ बनने के लिए फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, डेयरी टेक्नोलॉजी या एमबीबीएस जैसी उच्च व तकनीकी डिग्रियां होना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य सचिव व फूड सेफ्टी कमिश्नर अमित कटारिया के हस्ताक्षर से सप्ताहभर पहले जारी इस आदेश के बाद विभाग के भीतर और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जानकारों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक व्यापमं के जरिए ही एफएसओ की सीधी भर्ती होती रही है। पहले कभी किसी नमूना सहायक को पदोन्नत नहीं किया गया, क्योंकि कोई भी कर्मचारी न्यूनतम अर्हता पूरी नहीं करता था।
विभाग ने प्रमोशन का नया नियम बनाकर इन 13 कर्मचारियों को एफएसओ पद की जिम्मेदारी सौंप दी। इनमें से एक कर्मचारी के पास स्नातक व स्नातकोत्तर (पीजी) की डिग्री तो है, लेकिन वह भी एफएसएसएआई द्वारा तय बेसिक विषय की नहीं है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यदि कर्मचारी के पास मूल अर्हता ही नहीं है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में प्रमोशन नहीं दिया जा सकता। शासन बार-बार भर्ती नियमों में फेरबदल कर अपात्रों को उपकृत कर रहा है।
Chhattisgarh News: नमूना सहायकों का मूल काम अब तक केवल एफएसओ द्वारा लिए गए खाद्य नमूनों को पैक करना और उन पर लेबल लगाना था। अब यही कर्मचारी खुद मौके पर जाकर सैंपलिंग करेंगे। मिलावटखोरी के मामलों में सैंपलिंग की तकनीक सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि सैंपलिंग में तकनीकी चूक हुई, तो लैब टेस्ट की रिपोर्ट प्रभावित होती है और कोर्ट में केस खारिज हो जाता है। ऐसे में बिना तकनीकी ज्ञान और उचित ट्रेनिंग के लिए गए सैंपल मिलावटखोरों को कानून के शिकंजे से बचाने का काम करेंगे।
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इनमें से किसी एक विषय में स्नातक, स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट होना जरूरी है। इनमें फूड टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, फूड इंजीनियरिंग, डेयरी टेक्नोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, ऑयल टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर साइंस, वेटनरी साइंस, बायो केमिस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी, केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री (एमएससी) या एमबीबीएस की डिग्री अनिवार्य है।
अंजली नायक: सरगुजा से कोरिया
सुमन अग्रवाल: रायगढ़ से सारंगढ़-बिलाईगढ़
निधि जायसवाल: कोरिया से मुंगेली
सुमन ठाकुर: बालोद से कोंडागांव
दीक्षा साहू: सूरजपुर से सूरजपुर
दिव्या सिंह राजपूत: दुर्ग से दुर्ग
अर्चना तिवारी: रायपुर से गरियाबंद
निधि यादव: रायपुर से बेमेतरा
टुलेश्वर सिंह: सरगुजा से सरगुजा
प्रमोद पैकरा: कोरिया से दंतेवाड़ा
भूषणप्रताप सिंह: राजनांदगांव से मानपुर-मोहला
सरिता मरावी: जांजगीर-चांपा से सक्ती
रूखमणी कंवर: बलौदाबाजार से पेंड्रा-गौरेला
रिटायर्ड फूड एंड ड्रग कंट्रोलर के. सुब्रमण्यम ने पत्रिका से कहा कि भर्ती नियम क्या कहते हैं और जिन लोगों को प्रमोट किया गया है, उनके पास एफएसओ बनने के लिए बेसिक डिग्री है या नहीं, यह जांच का विषय है। पदोन्नति के लिए अनिवार्य बेसिक डिग्री होना बेहद जरूरी है। इसके बिना केंद्रीय निकाय भी मान्यता नहीं देगा, क्योंकि एफएसएसएआई के नियम अत्यंत सख्त हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 12:05 pm
Published on:
20 Aug 2026 12:05 pm
