
RTE Admission: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की पहली चरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस योजना के माध्यम से हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अवसर मिला है। राज्यभर में आरटीई के तहत निर्धारित सीटों पर ऑनलाइन लॉटरी के जरिए विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला कराया। हालांकि कुछ सीटें अभी भी खाली हैं, जिन्हें दूसरे चरण में भरा जाएगा। अब शिक्षा विभाग ने अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे और अधिक बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस वर्ष प्रदेश के 6868 निजी स्कूलों में कुल 22,016 सीटें आरटीई के तहत निर्धारित की गई हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किया था। शिक्षा विभाग के अनुसार राज्यभर से 38,439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27,203 आवेदन पात्र और 11,236 आवेदन अपात्र पाए गए।
पात्र आवेदनों में से पहले चरण में ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 14,403 विद्यार्थियों का चयन किया गया। इनमें से 13,120 विद्यार्थियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर स्कूलों में प्रवेश ले लिया। जबकि 1,283 सीटों पर चयनित विद्यार्थियों ने दाखिला नहीं लिया।
राजधानी रायपुर में आरटीई के तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का चयन हुआ। यहां 3,096 सीटों के लिए 2,606 विद्यार्थियों का चयन किया गया था, जिनमें से 2,297 बच्चों ने स्कूलों में प्रवेश ले लिया। वहीं 309 सीटें रिक्त रह गईं।
RTE के तहत अपने बच्चे का निजी स्कूल में दाखिला कराने के लिए एक मां पिछले कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है। कभी दस्तावेजों में कमी बताई जा रही है तो कभी सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला देकर उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजा जा रहा है। मां का कहना है कि वह अपने बच्चे को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी आवेदनों की जांच नियमानुसार की जा रही है।
पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत नए स्कूलों का पंजीयन और सत्यापन कार्य निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। इसके बाद नए विद्यार्थियों के आवेदन लिए जाएंगे और बची हुई सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आरटीई प्रवेश के दूसरे चरण के तहत नए स्कूलों का पंजीयन 8 जून से 20 जून तक किया जाएगा। इसके बाद 25 जून तक नोडल प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दूसरे चरण में विद्यार्थियों के आवेदन और पंजीयन की प्रक्रिया 1 जुलाई से 11 जुलाई तक चलेगी। इसके बाद 15 जुलाई तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सभी पात्र आवेदनों की जांच के बाद ऑनलाइन लॉटरी के जरिए सीटों का आवंटन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी और सीट आवंटन प्रक्रिया 27 जुलाई से 31 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को 3 अगस्त से 17 अगस्त तक संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
राज्य के कई जिलों में चयनित विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में प्रवेश लिया है। बलरामपुर, जशपुर, मुंगेली, कांकेर, महासमुंद और रायपुर जैसे जिलों में प्रवेश प्रतिशत काफी अच्छा रहा। वहीं कुछ जिलों में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश नहीं लेने से सीटें रिक्त रह गई हैं, जिन्हें दूसरे चरण में भरा जाएगा।
आरटीई योजना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का अवसर देती है। इस योजना के माध्यम से हर साल हजारों बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और संसाधनों का लाभ मिलता है। अब दूसरे चरण की प्रक्रिया के बाद शेष सीटों पर भी बच्चों को प्रवेश मिलने की उम्मीद है।