
RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दो चरण पूरे होने के बावजूद राज्यभर में हजारों सीटें खाली हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पात्र अभिभावकों को एक और अवसर देते हुए 22 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन होगा और 10 से 14 अगस्त के बीच लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों को 25 अगस्त तक संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, तीसरे चरण के आवेदन 5 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और 10 से 14 अगस्त के बीच लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी में चयनित बच्चों को 25 अगस्त तक संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। विभाग का कहना है कि सितंबर में प्रस्तावित तिमाही परीक्षाओं से पहले सभी रिक्त सीटों को भरने का प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष लागू किए गए नए नियमों का असर RTE प्रवेश प्रक्रिया पर साफ दिखाई दे रहा है। अब आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 को योजना से बाहर कर दिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि यही वजह है कि पिछले वर्षों की तुलना में अभिभावकों की रुचि कम हुई है और बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में RTE सीटों की स्थिति अलग-अलग है। धमतरी जिले में निर्धारित 450 सीटों में से केवल 351 बच्चों का प्रवेश हो सका है, जबकि 119 सीटें अभी भी खाली हैं। वहीं, दुर्ग जिले के 152 निजी स्कूलों में उपलब्ध 1,507 सीटों में से 1,044 सीटों पर ही प्रवेश हुआ है। जिले में अब भी 463 सीटें रिक्त हैं।
राजनांदगांव जिले में तीसरे चरण की शुरुआत धीमी रही है। यहां अब तक केवल 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कुछ अभिभावकों ने निजी स्कूलों पर रिक्त सीटों की जानकारी समय पर पोर्टल पर अपडेट नहीं करने का आरोप भी लगाया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 6,857 निजी स्कूलों में RTE के तहत कुल 23,119 सीटें निर्धारित की गई हैं। अब तक 39,182 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद 9,424 सीटें अब भी खाली हैं। विभाग को उम्मीद है कि तीसरे चरण की प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में बच्चों को प्रवेश मिल सकेगा और अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा पाएंगे।